चंडीगढ़। बेटियां न हो तो बेटे कहां से आएंगे। बेटियों का मान सत्कार बहुत जरूरी है। इससे पुण्य मिलता है। कन्यादान महादान है। यह बात सभी को समझने की जरूरत है। साथ ही यह भी जरूरी है कि पुत्र दान भी करें। इससे तात्पर्य यह है कि दहेज न लें। कोई भी कन्या जिस किसी के घर बहू बनकर आएगी उसके परिवार के लोग कर्जदार रहेंगे तो उसकी चिंता उसे रहेगी। इसलिए दहेज को न कहना समाज का कर्तव्य है।
यह बात सेक्टर 22 के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीराम कथा के दौरान वृंदावन से आए कथा व्यास प्रदीप भारद्वाज ने प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को बुधवार को कही। मंदिर की 37 वां वार्षिक उत्सव के दौरान श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि माता पिता, गुरु, सास ससुर की सेवा कर्तव्य है। अपने बच्चों को संस्कारित करते रहिए। ऐसे में वे बड़े होकर समाज और देश के लिए बेहतरीन काम करेंगे। इसमें समाज के साथ साथ आपका भी भला होगा। अपने संतान को चरित्रवान बनाइए। इससे हमारी कमियां दूर होंगी। कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रवचन दिया।
मंदिर के प्रधान राम प्रकाश बजाज और महामंत्री धर्मपाल सूरी इस दौरान मौजूद रहे।