चंडीगढ़। कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी सहित तीन दिनों तक दीपक जलाने से यमराज और मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। धनतेरस 19 अक्तूबर को है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
उन्होंने कहा कि धनतेरस का त्योहार उदय व्यापिनी तिथि में मनाई जाती है। 19 अक्तूबर को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर सूर्योदय हो रहा है। त्रयोदशी तिथि की समाप्ति सूर्योदय के बाद दोपहर 1 बजकर 52 मिनट पर है। इसलिए यह त्योहार 19 अक्तूबर को मनाया जाएगा। कुछ लोग 18 अक्तूबर को त्रयोदशी मना रहे हैं जो शास्त्रसम्मत नहीं है। इसका कारण है कि 18 अक्तूबर दिन शनिवार को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर त्रयोदशी प्रारंभ हो रही है जो उदया तिथि में नहीं है।
उन्होंने कहा कि धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 35 मिनट से लेकर 12 बजकर 40 मिनट तक अभिजित मुहूर्त में सर्वश्रेष्ठ है। इसके बाद पूरा दिन मध्यम है। बर्तन खरीदकर लाएं तो उसमें मीठा रखकर घर लेकर आएं। उन्होंने कहा कि नरक चतुर्दशी भी 19 अक्तूबर को है। उसके बाद दीपावली 20 को है।
धन्वंतरि की पूजा के बाद आषधि सेवन से रोगी ठीक होता है...
श्री देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे का कहना है कि धनतेरस पर सोने-चांदी के बर्तन खरीदने का प्रचलन है। धनतेरस को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। अभिजित मुहूर्त में धन्वंतरी का फोटो लगाकर और औषधियों का पूजन कर सेवन करने से रोगी निरोग हो जाता है।
20 को ही मनेगी दिवाली...
सेक्टर-7 के श्री सनातन धर्म त्रिवेणी मंदिर के पुजारी आचार्य सीताराम पांडेय का कहना है कि दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर को अमावस 3:45 पर प्रारंभ हो रही है। लक्ष्मी पूजन का समय रहेगा शाम 5:30 बजे से लेकर के 9:02 तक। इस दौरान चर और स्थिर लग्न दोनों आ रहा है। इसमें लक्ष्मी पूजन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। 21 अक्टूबर को सुबह स्नान दान की अमावस रहेगी। 22 अक्टूबर को अन्नकूट गोवर्धन पूजा और भगवान विश्वकर्मा का पूजन होगा। 23 अक्टूबर को भाई दूज यम द्वितीया के नाम से जानते हैं। इस दिन बहन अपने भाई को टीका करती हैं। इस दिन यमुनाजी में स्नान करने का बड़ा ही महत्व है