जिला स्तर पर क्रिकेट खेलने वाली महिला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसके पति और देवर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
साथ ही सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। वहीं, महिला की सास को उसी दिन बरी कर दिया गया था, जिस दिन उक्त दोषियों पर दोष तय हुए थे। यह मामला सेक्टर-14 थाने में दिसंबर 2013 में दर्ज हुआ था।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, वारदात सेक्टर-16 के साथ लगती राजीव कालोनी में 16 अप्रैल 2013 में हुई थी। सेक्टर-56 चंडीगढ़ में रहने वाली कुसुम की राजीव कालोनी निवासी नरेश से शादी हुई थी और शादी के पांच माह बाद ही उसकी हत्या हो गई।
कुसुम के परिजन इस शादी के खिलाफ थे और शादी के बाद से कुसुम कभी अपने मायके भी नहीं गई थी। 16 अप्रैल की देर रात उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
अस्पताल में कहा था, खुदकुशी की है
कुसुम के ससुराल वालों ने खुद ही उसे सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल पहुंचाया और कुसुम के फंदा लगाने की बात कही।
मृतका के पिता राजपाल ने पुलिस को शिकायत दी कि उसकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम में कुछ ऐसी बातें सामने आई, जिससे साफ हुआ कि यह हत्या है।
कुसुम के शरीर पर चोट के निशान भी थे। पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने उसके पति नरेश, जेठ राजू व सास निर्मला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
डायरी के पन्ने फाड़ दिए गए थे
शादी के बाद कुसुम ने कई बार मायके फोन पर माफी मांगी थी और मिलने की बात कही थी। कुसुम डायरी लिखती थी, जिसमें वह अपने पूरे दिन का ब्योरा दर्ज करती थी।
मौके से पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की थी, जिसके कुछ पन्ने फटे थे। इन पन्नों को फाड़कर जलाया गया था और जले टुकड़े मौके से बरामद हुए थे।