झज्जर के गांव में संदीप चाहर का अंतिम संस्कार
कानपुर रेल हादसे का शिकार हुए लेफ्टिनेंट संदीप चाहर उनके पैतृक गांव सिलानी में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सेना के युवा लेफ्टिनेंट संदीप को गांव सिलानी में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। कानपुर में हुए ट्रेन हादसे में संदीप की जान चली गई थी।
पूरे देश को झकझोर देने वाले कानपुर के भीषण ट्रेन हादसे में झज्जर के रहने वाले भारतीय सेना के युवा लेफ्टिनेंट संदीप की भी जान चली गई। मंगलवार को उनके पैतृक गांव सिलानी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
संदीप करीब दो साल पहले भारतीय सेना में चयनित हुए थे और 12 मद्रास रेजीमेंट में तैनात थे। वे मध्यप्रदेश के मऊ में कमांडो की अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लखनऊ में मेडिकल के लिए जा रहे थे कि रास्ते में इस हादसे का शिकार हो गए।
अगले साल 18 फरवरी को संदीप की शादी होनी थी। इसके लिए पूरा परिवार तैयारियों में जुटा था। इंतजार था तो बस संदीप की ट्रेनिंग पूरी होने का, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लेफ्टिनेंट संदीप घर लौटा, लेकिन तिरंगे में लिपटा हुआ। इसका पता चलते ही पूरे गांव में गम का माहौल बना हुआ है।