सेक्टर-7 की मार्केट में रविवार को आयोजित एक सम्मेलन के दौरान स्थानीय विधायक डीके बंसल खुद के बुने जाल में फंस गए।
सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनवाने के साथ-साथ जैसे ही पंचकूला में पुरजोर विकास कराने का दावा किया, शहर के लोगों और स्थानीय नेताओं ने उनके दावों को खोखला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि कहां विकास कराया, चलकर दिखाएं। इनमें सबसे ज्यादा विरोध घग्गर पार के लोगों ने की। इसके बाद विधायक अपने बचाव में कभी अफसरों को जिम्मेदार ठहराते नजर आए तो कभी अपनी ही पार्टी के नेता को।
हरियाणा प्रदेश व्यापारमंडल और जिला पंचकूला विकास ट्रस्ट द्वारा आयोजित सम्मेलन में विरोध का जवाब देते हुए विधायक डीके बंसल ने कहा कि ‘मैं क्या करूं।
कोई अधिकारी सुनता ही नहीं। कभी अपने मोबाइल पर बिजी टोन लगाकर रखते हैं तो कभी कोई फोन नहीं उठाते। मैं पंचकूला की समस्या को विधानसभा में उठाता हूं तो लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि पंचकूला में पूरा विकास हुआ है’।
इन तमाम दलीलों के बाद कांग्रेसी नेता भी विधायक के विरोध में आवाज उठानी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि विधायक अगर कुछ नहीं करा सकते तो लोगों में झूठ न बोलें।
विधायक ने अपने स्तर का कोई काम नहीं किया है, बल्कि एमसी के कार्यों में क्रेडिट लेते हैं। एमसी के कई एरिया में तो काम में बाधा भी डालते हैं। विधायक कहते हैं कि अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते तो विधायक कुछ एक्शन क्यों नहीं करा पा रहे? विधायक को अपनी जिम्मेदारियां समझनी चाहिए। उन्होंने चुनाव के समय के वादे भुला दिए हैं।
भावना गुप्ता, पार्षद
मानता हूं कि विधायक विधानसभा में पंचकूला के मसले उठाते हैं, लेकिन मसले
उठाने से कुछ नहीं होता। लोगों को विकास चाहिए, जो हुआ ही नहीं। घग्गर पार,
एमडीसी और सिटी सेंटर की हालत खस्ता है। विधायक सिर्फ विकास की बात न
करें, विकास कराएं।
रविंद्र रावल, पूर्व एमसी प्रधान
विधायक ने कहा कि सड़कें बनवाईं, लाइटें लगवाई। कभी घग्गर पार आकर देखा है कि सड़कों की हालत क्या है? सड़क में गड्ढ्े नहीं, गड्ढों में सड़क है। पंचकूला में विकास की बात झूठ है।
सुभाष कपूर, महासचिव ज्वाइंट एक्शन कमेटी, पंचकूला