पीजीआई में ब्रांडेड दवाओं पर 57.2 प्रतिशत छूट देने के नाम पर शॉप हासिल करने के बाद मरीजों को दवाएं मुहैया कराने में असफल शिवांगी मेडिकोज पर संस्थान ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
पीजीआई की शुक्रवार को एस्टेट कमेटी की मीटिंग में चर्चा हुई कि शिवांगी मेडिकोज के खिलाफ काफी शिकायतें मिल रही हैं। पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
बाद में सर्वसम्मति से मीटिंग में फैसला लिया गया कि शिवांगी मेडिकोज को नोटिस भेजकर उससे जवाब मांगा जाए। जवाब देने का वक्त एक हफ्ते से दस दिन का होगा।
यदि जवाब संतुष्ट नहीं मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी के चेयरमैन डा. अरविंद राजवंशी ने बताया कि जवाब मिलने के बाद इस महीने के आखिर में बैठक होगी। उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
छूट के नाम पर अलॉट की गई थी शॉप
पीजीआई ने इस केमिस्ट शॉप को छूट के नाम पर अलॉट की थी। संस्थान ने शर्त रखी थी कि केमिस्ट शॉप को सभी ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत डिस्काउंट देना होगा।
डिस्काउंट देने की शर्त पर पीजीआई करीब 12 हजार प्रति महीना किराए पर दुकान देने की बात पर तैयार हो गई थी। टेंडर हुए तो शिवांगी मेडिकोज ने शर्त से ज्यादा डिस्काउंट देने की बात कही।
टेंडर में 57.2 प्रतिशत छूट देने का दावा किया गया। मरीजों को फिलहाल इतने डिस्काउंट पर दवा तो मिली नहीं उल्टा मरीजों को ठग लिया गया।
दूसरी तरफ शॉप में कभी भी फुल स्टॉक नहीं रखा गया। इस बारे में मरीज भी कई बार शिकायत दे चुके हैं। जब भी वे दवा लेने जाते हैं तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है।