अमृतसर में दो वकीलों विनीत महाजन एवं संदीप गोरसी के खिलाफ दर्ज मामले में स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है।
इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अरुण पल्ली की डिवीजन बेंच ने उद्योग मंत्री अनिल जोशी समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 22 मई तक जवाब मांगा है। साथ ही पुलिस महानिदेशक से एफआईआर में जांच की स्थिति रिपोर्ट तलब की है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दाखिल याचिका की पैरवी करते हुए एडवोकेट डॉक्टर अनमोल रत्न सिंह सिद्धू ने कहा कि महाजन और गोरसी ने ही जोशी के दोहरे वोट होने का मामला उजागर किया था। इसमें जोशी बुरी तरह फंस गए हैं।
इसी वजह से दोनों वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह बदले की भावना और जोशी के प्रभाव से दर्ज किया गया है। इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल पुलिस की जांच की स्थिति परखने पर ही भरोसा किया है।
याचिका में वकीलों महाजन एवं गोरसी को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी। इसलिए हाईकोर्ट ने सुरक्षा देने का निर्देश दे दिया है।
हाईकोर्ट इस मामले पर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के मूड में नहीं थी, लेकिन बार एसोसिएशन ने कहा कि चूंकि एफआईआर मंत्री के प्रभाव में दर्ज की गई है। इसीलिए हाईकोर्ट के पास आने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा था। आखिर बेंच ने इसे जनहित याचिका मानते हुए नोटिस जारी करके जवाब तलब कर लिया है।