फिल्म बनाना आसान नहीं होता और न ही फिल्मों में काम करना। जब कोई ट्यूशन पढ़ाने वाला व्यक्ति फिल्म निर्माण में कूद पड़े तो काम चैलेंजिंग हो जाता है।
ऐसा ही हुआ स्टूडेंट्स को गणित का ट्यूशन पढ़ाने वाले पार्थ आहूजा के साथ। उनका बचपन का शौक जगा और उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म ‘बनूंगा मैं एमबीए’ बना डाली। पंद्रह मिनट की इस मूवी में पार्थ ने प्यार का फंडा समझाया है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में पार्थ ने कहा कि यह फिल्म युवाओं के लिए खास है।
इसमें दिखाया गया है कि प्यार के कारण कैसे थप्पड़ पड़ते हैं और किस तरह से जेल तक जाने की नौबत आती है। उन्हें फिल्म बनाने का आइडिया दो साल पहले आया। पेक से इंजीनियरिंग करने के बाद घर वाले अक्सर कहते थे कि एमबीए कर लो। सोचा कि क्यों न इसी पर शॉर्ट मूवी बनाए।
फिल्म की कहानी लिखने में दस दिन का समय लगा और दूसरा चैलेंज था एक्टिंग करना। इसके लिए एक एक्टिंग वर्कशाप लगाई। मूवी की शूटिंग के दौरान सौ थप्पड़ खाए, तब जाकर दस थप्पड़ का सीन फिल्माया जा सका।
फिल्म की ऐसी है कहानी
‘बनूंगा मैं एमबीए’ हल्की-फुल्की मनोरंजक फिल्म है। यह ऐसे युवा की कहानी है जो बेकार है। गांव में रहता है और हर समय सपने देखते रहता है। एक दिन वो अपने सपनों की लड़की से मिलता है। दोनों के नोट्स आपस में अदल-बदल जाते हैं।
फिल्म में लीड रोल कर रही गुनीत कौर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ‘एनएसडी’ नई दिल्ली और विंग्स थिएटर अकादमी चंडीगढ़ से जुड़ी हैं। उन्होंने ‘स्टूपिड 7’ में अभिनय किया है। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में गोसाईं, रुपिंदर जीत महेश, करीना बेदी शामिल हैं।