चंडीगढ़। अदालत के आदेश पर मकान का कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और कोर्ट बेलिफ की मौजूदगी में शनिवार को सेक्टर-42 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 67 वर्षीय अधिवक्ता ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से महिला मकान मालकिन पर गोली चला दी। गोली सिर के पास से गुजर गई जबकि छर्रे सिर और चेहरे पर लगने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को तत्काल पीजीआई में भर्ती कराया गया। पुलिस ने अधिवक्ता जेपीएस चड्ढा को मौके पर ही दबोच लिया। अधिवक्ता ने दूसरी गोली भी लोड कर ली थी लेकिन पुलिस ने फायरिंग से पहले ही उसे काबू कर लिया।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-18 की रहने वाली 57 वर्षीय मनविंदर कौर अदालत के आदेश पर कोर्ट बेलिफ श्याम सुंदर और सेक्टर-36 थाना पुलिस के साथ सेक्टर-42 स्थित मकान नंबर 2987/2 का कब्जा लेने पहुंची थीं। अदालत ने 36 साल पुराने किरायेदारी विवाद में मकान खाली कराकर मालिक को कब्जा दिलाने के निर्देश दिए थे।
करीब 45 मिनट तक पुलिस और कोर्ट बेलिफ ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन अंदर मौजूद किरायेदार जेपीएस चड्ढा ने दरवाजा नहीं खोला। अदालत के आदेश के तहत जब पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश शुरू किया तभी आरोपी बालकनी में पहुंचा और लाइसेंसी दोनाली बंदूक से फायर कर दिया। गोली मनविंदर कौर के सिर के पास से निकल गई, जबकि छर्रे सिर और चेहरे पर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल पीजीआई पहुंचाया।
दूसरी गोली भी भर ली थी, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार पहली फायरिंग के तुरंत बाद आरोपी ने बंदूक में दूसरी गोली भी लोड कर ली थी। इससे पहले कि वह दोबारा गोली चलाता, पुलिस टीम ने उसे काबू कर लिया और हथियार जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जेपीएस चड्ढा करीब 36 वर्ष पहले मकान में किरायेदार के रूप में रहने आए थे। बाद में किराये को लेकर विवाद बढ़ा और मकान मालिक ने अदालत में बेदखली का मुकदमा दायर किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने हाल ही में मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
हत्या के प्रयास का केस दर्ज
सेक्टर-36 थाना पुलिस ने कोर्ट बेलिफ श्याम सुंदर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
आरोपी के बेटे का दावा...आत्मरक्षा में चली गोली
आरोपी के बेटे ध्रुव चड्ढा ने दावा किया कि उनके पिता पिछले 36 वर्षों से मकान में रह रहे हैं। उनके अनुसार परिवार ने छह वर्ष का अग्रिम किराया दिया था और उन्हें अदालत से स्थगन आदेश (स्टे) भी मिला हुआ था। उनका आरोप है कि पुलिस और अन्य लोग जबरन घर में घुस रहे थे इसलिए आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। हालांकि सेक्टर-36 थाना पुलिस के एसएचओ चिरंजी लाल ने कहा कि कार्रवाई के दौरान कोई वैध स्थगन आदेश मौके पर प्रस्तुत नहीं किया गया था। मामले की जांच जारी है।