इस दाैरान डाॅ. सतिंदर सरताज को नशा मुक्त चंडीगढ़ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। इस दाैरान उन्होंने गीतों के बीच नशा मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिन गायकों ने नशे पर गीत गाए हैं। वह दिल के बुरे नहीं हैं, वह बहुत ही अच्छे इंसान हैं। गायकों के साथ श्रोताओं का भी उतना ही दोष है। नशे को अकेला प्रशासन खत्म नहीं कर सकता। हमें साइकोलॉजिकल कुछ करना पड़ेगा। जबरदस्ती नशा छुड़ाना मुश्किल है। या तो युवाओं को नशे से अच्छा कुछ नशा दिया जाए या कुछ ऐसा हो कि उन्हें नशे से खुद नफरत हो जाए। उन्होंने अपने आने वाली नई फिल्म में प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बार पैसे के अलावा अच्छे विचार से भी बच्चे की ग्रोथ हो सकती है।
छात्राओं में सेल्फी लेने की मची होड़ :
कार्यक्रम में छात्राएं इतनी उत्साहित हुईं कि जब गायक सरताज ने जब सज्जन राजी हो जवे... गीत गाया तो वह स्टेज के पास इकट्ठा होकर वीडियो बनाने लगीं। सभी में गायक के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। टीचरों ने मुश्किल से भीड़ को काबू किया। इस दाैरान सतिंदर सरताज ने भी खूब आनंद लेते दिखाई दिए।
बॉक्स
बॉर्डर इलाकों की माताओं की पीड़ा को किया महसूस : प्रशासक
कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक गुलाबचंद कटारिया बताैर मुख्य अतिथि माैजूद रहे। उन्होंने स्वस्थ युवा, सशक्त युवा का लोगो लॉन्च किया। इसके अलावा वार्षिक गतिविधि कैलेंडर और नशा मुक्त चंडीगढ़ अभियान पर थीम गीत भी लॉन्च किया गया। यह गीत चंडीगढ़ में स्वच्छ सवारी पर नियमित रूप से बजाया जाएगा ताकि नागरिकों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं की ओर से प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य से हुई। इसके बाद नशा मुक्त चंडीगढ़ विषय पर आधारित एक नाटक और अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के विजेताओं द्वारा रीलों की स्क्रीनिंग की। प्रशासक ने गायक सतिंदर सरताज से कहा कि युवा आपको सुनना चाहते हैं। इसलिए वह अपने हर शो में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश जरूर दें। उन्होंने कहा कि वह बॉर्डर के छह जिलों की माताओं की पीड़ा को महसूस करके आए हैं। माताओं के मन में अपने बच्चों को नशे से दूर करने की इच्छा है लेकिन वह कुछ नहीं कर पा रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को ड्रग्स के खिलाफ शपथ भी दिलाई।
रैली को झंडी दिखाकर किया रवाना :
प्रशासक ने नशा मुक्त चंडीगढ़ के लिए एक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय संकट है। हम सभी को समाज से नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए संकल्प में एकजुट होना चाहिए। सभी छात्रों के लिए एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। कटारिया ने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई के अलावा खेल, संगीत, नृत्य, चित्रकला आदि जैसी रचनात्मक और उत्पादक गतिविधियों में शामिल हों ताकि तनाव से दूर रहें और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में प्रवाहित करें।