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पटियालाः शिक्षकों पर भांजी गई लाठियां, वाटर कैनन से खदेड़ा, 10 पुलिसकर्मी समेत 50 जख्मी

Mon, 11 Feb 2019 09:13 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
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लाठीचार्ज (सांकेतिक तस्वीर)
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा 10 बार समय देकर भी नहीं मिलने से भड़के प्रदेश भर के अध्यापकों ने रविवार को सीएम के मोती महल की तरफ रोष मार्च निकाला। अध्यापकों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें मारीं और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 40 अध्यापक और 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। कई अध्यापिकाओं ने पुलिस पर बदसलूकी के भी आरोप लगाए हैं। 
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रेगुलर करने की मांग को लेकर रोष मार्च निकाल रहे अध्यापकों को पुलिस ने पहले फव्वारा चौक पर बैरीकेड लगाकर रोका। अध्यापक नहीं माने। थोड़ी बहुत धक्कामुक्की के बाद अध्यापकों का काफिला आगे बढ़ गया। जैसे ही अध्यापक पोलो ग्राउंड के नजदीक बुड्डा दल स्कूल की जूनियर ब्रांच के नजदीक पहुंचे, उन्हें वहां बड़ी संख्या में तैनात पुलिस फोर्स ने बैरीकेड लगाकर रोक लिया। अध्यापकों ने बैरीकेडिंग को तोड़ आगे बढ़ना चाहा तो दोनों तरफ से धक्कामुक्की शुरू हो गई। अध्यापकों के न मानने पर पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया और पानी की बौछारें मारनी भी शुरू कर दीं। 

महिला शिक्षकों के साथ की बदसलूकी : गगन राणू
अध्यापक नेता गगन राणू ने दावा किया कि प्रदेश भर से 20 हजार शिक्षकों ने इस रोष मार्च में हिस्सा लिया। चालीस के करीब शिक्षकों पुलिस लाठीचार्ज के दौरान जख्मी हुए हैं। किसी अध्यापक की टांग में तो किसी के हाथों में चोटें लगी हैं। वहीं उनके साथी भूपिंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी है। उन्हें सिटी स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया पुलिस ने कई महिला शिक्षकों के साथ भी बदसलूकी की हैं। उन्हें घसीटा गया और दुर्व्यवहार किया गया। कड़ाके की ठंड में पानी की बौछारों की बीच लाठियां खाकर भी अध्यापक डटे थे। वहीं रात को मौके पर डीसी व एसएसपी पहुंचे और आंदोलनकारी अध्यापकों से बात की। 
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बिना मंजूरी के किया प्रदर्शन, कार्रवाई होगी : एसपी
पटियाला। एसपी हेडक्वार्टर हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट ने पटियाला में धारा 144 लगाई है। इसके बावजूद अध्यापकों ने प्रदर्शन की मंजूरी नहीं ली थी। उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उनके समेत करीब 10 पुलिस मुलाजिमों को चोटें आई हैं। उनके कंधे में धक्कामुक्की के कारण फ्रैक्चर हुआ है। 

महिला टीचरों से अमानवीय बर्ताव दुख की बात : सुखबीर 
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने पटियाला में सीएम आवास घेरने जा रहे टीचरों पर बेरहमी से लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इसने एक अहंकारी राजा की हुकूमत के दिन याद करवा दिए हैं। दुख की बात है कि महिला टीचरों के साथ भी अमानवीय बर्ताव किया गया। ऐसा लगता है कि सरकार उन्हें सबक सिखाना चाहती थी। शिअद महासचिव बिक्रम मजीठिया ने भी लाठीचार्ज की निंदा की है।

सदन में उठाएंगे मुद्दा : चीमा 
चंडीगढ़। सूबे के नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने पटियाला में अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे टीचरों पर सरकारी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अगर सीएम उनकी बात सुन लेते तो टकराव टल सकता था। आम आदमी पार्टी के विधायक ने कहा कि पुलिस व प्रशासन ने मोती महल की सरपरस्ती में बेरहम हमला किया है। पानी की बौछारों के बाद बल प्रयोग किया गया। अब पुलिस सैकड़ों टीचरों के खिलाफ ही परचे दर्ज करने जा रही है। आप इस मुद्दे को सदन में उठाएगी।
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