छह दिन से संदिग्ध परिस्थितियों में परिवार लापता।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के सेक्टर-40 से दिल्ली जाने के लिए आई-10 कार से निकले फाइनेंसर के परिवार का छह दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि बलविंदर दूसरी नौकरी की तलाश में था। लापता होने से पहले बलविंदर ने सरहिंद निवासी अपने दोस्त से आखिरी बार मोबाइल पर एक घंटे कुछ मिनट तक बात की थी। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद मोबाइल की आखिरी लोकेशन अमृतसर के बस स्टैंड स्थित कैपिटल होटल के पास की मिली थी।
परिवार के पास मौजूद तीनों मोबाइल फोन की लोकेशन अमृतसर में मिलने के बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस कैपिटल होटल पहुंची। होटल में पूछताछ करने पर पता लगा कि बलविंदर, मनिंदर कौर और रीत नाम से कोई भी कमरा नहीं बुक है। इसके बाद पुलिस ने कैपिटल होटल के आसपास करीब 8 से 10 होटलों में तीनों की तलाश शुरू की। साथ ही बस अड्डे और आसपास के क्षेत्र में तीनों की फोटो दिखाकर लोगों से पहचान करवाने की कोशिश की लेकिन पुलिस को इनका कोई सुराग नहीं मिला। घंटों मशक्कत के बाद भी परिवार का कुछ नहीं पता चला। इसके बाद पुलिस को लौटना पड़ा।
पुलिस अब बलविंदर के बैंक खाते पर भी नजर बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ, लापता परिवार के परिजनों को चिंता सताए जा रही है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। बलविंदर उसकी पत्नी मनिंदर और उनकी 5 साल की बेटी रीत हंसी-खुशी घर से निकले थे लेकिन न जाने उनके साथ ऐसा क्या हो गया कि वह अचानक से लापता हो गए।
तीन जून से लापता है परिवार
दिल्ली के बसंत विहार में बलविंदर सिंह पत्नी मनिंदर कौर और पांच वर्षीय बेटी रीत के साथ रहते हैं। 24 मई को वह परिवार के साथ अपनी सफेद रंग की आई 10 कार में कालका निवासी अपने बड़े भाई के घर पहुंचे। वहां पर बलविंदर अपनी माता को छोड़कर पत्नी और बेटी के साथ देर शाम चंडीगढ़ के सेक्टर 40 स्थित ससुराल पहुंचे। तीन जून की सुबह करीब 8 बजे बलविंदर उनकी पत्नी मनिंदर और बेटी रीत तीनों ही आई-10 कार से दिल्ली के लिए रवाना हो गए लेकिन अब तक तीनों दिल्ली स्थित अपने घर नहीं पहुंच सके। परिवार के अन्य सदस्यों ने उनसे संपर्क करना चाहा तो नंबर स्विच ऑफ था।