निजी स्कूलों में प्रदेश भर में 60 फीसदी गरीब बच्चों के ही आवेदन शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर नियम 134ए के तहत दाखिला के लिए ऑनलाइन हुए हैं। अब तक प्रदेशभर के 6888 निजी स्कूलों ने वैकेंसी दर्शायी हैं, जिनमें एक लाख 84 हजार 465 सीटें गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिला के लिए खाली पड़ी हैं। इतना ही नहीं अब तक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर प्रदेशभर से 72 हजार 653 बच्चों ने ही दाखिला रजिस्ट्रेशन कराया है।
जिन निजी स्कूलों ने अभी तक शिक्षा विभाग को नियम 134ए के तहत रिक्त सीटों की जानकारी नहीं दी हैं, ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ बच्चों के मौलिक शिक्षा अधिकार के हनन और हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का केस दर्ज कराए जाने की मांग हाईकोर्ट में उठाएंगे। शिक्षा विभाग से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि 31 मार्च तक बढ़ाए जाने को लेकर बातचीत चल रही है। -बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
जिन निजी स्कूलों ने खाली वैकेंसी की सूचना नहीं दी हैं, शायद ऐसे स्कूल अस्थायी मान्यता या फिर परमिशन के दायरे में आते होंगे, क्योंकि दाखिला के लिए केवल स्थायी मान्यता वाले निजी स्कूल ही सीटें दर्शा सकते हैं। दाखिला तिथि बढ़ाए जाने संबंधी अभी तक उनके समक्ष कोई सूचना नहीं आई है। -अजीत सिंह जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।