चंडीगढ़ लैंडलॉक शहर है। यहां जमीन काफी कम है। सौर ऊर्जा के महत्व को देखते हुए सभी बड़ी इमारतों पर सौर पैनल लगा दिए गए हैं। अब लेक में पानी की सतह पर भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। शुरुआत धनास की लेक से हुई है। यहां पहली बार 500 किलोवाट का फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाया गया है। इसका काम लगभग पूरा हो चुका है और एक महीने में ये काम करना भी शुरू कर देगा।
चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की तरफ से प्रोजेक्ट लाया गया है। विभाग ने अनुसार यह चंडीगढ़ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। आगे ऐसे और भी प्रोजेक्ट आएंगे। शहर का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट जुलाई 2016 में धनास की लेक में ही लगाया गया था। हालांकि वो सिर्फ 10 किलोवाट का था और पायलट बेस पर लगाया गया था। क्रेस्ट ने अब जो पैनल लगाया है, उसकी क्षमता 50 गुना ज्यादा है। विभाग की कोशिश है कि धनास के लेक को विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल क्यूम ने कहा कि फाउंटेन चलाने के बाद जो बिजली बचेगी, उसे अन्य जगह इस्तेमाल किया जाएगा। बताया कि परियोजना पर करीब चार महीने काम शुरू हुआ था और अब ये लगभग पूरा हो चुका है। अगले एक महीने के अंदर यह काम करने लगेगा।
बनाए जाएंगे पांच फाउंटेन, 80 फुट के होंगे तीन
क्रेस्ट की योजना के अनुसार सोलर पैनल से जो बिजली पैदा होगी, उससे लेक के अंदर फाउंटेन चलाए जाएंगे। विभाग कुल 5 फाउंटेन बनाने जा रहा है। इसमें तीन फाउंटेन 80 फुट के होंगे, जिस पर रंग बिरंगी लाइटें लगी होंगी। इसके अलावा दो फाउंटेन 50 फुट के होंगे। फाउंटेन से पानी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा और ऑक्सीजन स्तर ठीक रहेगा। इससे मछलियों को मरने से बचाया जा सकेगा।
एन-चो व सुखना चो पर भी सोलर पैनल लगाने की तैयारी
सोलर से बिजली उत्पादन में नंबर वन बनने के लिए क्रेस्ट रूफटॉप, फ्लोटिंग सोलर पैनल के बाद कैनाल टॉप एसपीवी पावर प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रहा है। शहर में सुखना चो की लंबाई काफी है, इसलिए क्रेस्ट ने यहां इसे लागू करने की योजना बनाई है। शुरुआत में 500 मीटर की दूरी तक सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा वाटर वर्क्स सेक्टर-39 में 2 मेगावाट का फ्लोटिंग एसपीवी पावर प्लांट, गार्डन ऑफ कोनिफर्स सेक्टर-52 के सामने एन-चो में 2 मेगावाट कैनाल टॉप एसपीवी पावर प्लांट, पटियाला की राव में 2 मेगावाट कैनाल टॉप एसपीवी पावर प्लांट लगाया जाएगा।
15 अगस्त 2023 तक 75 एमडब्ल्यू बिजली उत्पादन का लक्ष्य
क्रेस्ट ने सौर ऊर्जा से 15 अगस्त 2023 तक 75 एमडब्ल्यू बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। ये वर्तमान (220 एमडब्ल्यू) में पूरे शहर के बिजली खपत का करीब 34 प्रतिशत है। क्रेस्ट के सीईओ देबेंद्र दलाई के अनुसार शहर के 4200 साइटों पर 50.58 मेगावाट के ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर प्लांट पहले ही चंडीगढ़ में स्थापित और चालू किए जा चुके हैं। बता दें कि यूटी प्रशासन ने 500 वर्ग गज या इससे अधिक एरिया के सभी घर और इमारतों पर सोलर प्रोजेक्ट लगाना अनिवार्य किया हुआ है।