चंडीगढ़। प्रशासन ने मंगलवार को जारी फाइनल कलेक्टर रेट में किसानों को बड़ी राहत दी है। नए रेट में कृषि भूमि की कीमतों में 15 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। लंबे समय से किसान कलेक्टर रेट संशोधित करने की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। डड्डूमाजरा में आयोजित जनता दरबार में भी किसानों ने यह मुद्दा उठाया था, जिस पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने संज्ञान लिया। डीसी ऑफिस द्वारा जारी रेट के अनुसार शहर के करीब 2700 किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। गांवों में संपत्तियों के दाम बढ़ने से किसानों की जमीन की कीमत में भी इजाफा होगा।
मलोया, डड्डूमाजरा और शाहपुर चोलियां में कृषि भूमि का कलेक्टर रेट 1 करोड़ 99 लाख 13 हजार 100 रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। कैंबवाला और खुड्डा अलीशेर में यह दर 1 करोड़ 97 लाख 12 हजार रुपये प्रति एकड़ है। वहीं बुड़ैल, बैर माजरा, तातारपुर, अटावा, बढ़हेड़ी, बुटेरला, कजहेड़ी और पलसोरा में कृषि भूमि का रेट 1 करोड़ 40 लाख 21 हजार 500 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।
दो कनाल या उससे अधिक कृषि भूमि के कलेक्टर रेट
क्षेत्र/गांव कलेक्टर रेट ( प्रति एकड़)
मनीमाजरा
4,61,66,900 रुपये
रायपुर खुर्द, बहलाना
4,01,09,700 रुपये
मौलीजागरां, हल्लोमाजरा, दड़वा, रायपुर कलां
2,40,28,100 रुपये
सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा, धनास, खुड्डा जस्सू 2,50,19,000 रुपये
क्षेत्र/गांव कलेक्टर रेट (प्रति मरला)
मनीमाजरा
5,77,100 रुपये
रायपुर खुर्द, बहलाना
5,01,400 रुपये
मौलीजागरां, हल्लोमाजरा, दड़वा, रायपुर कलां
3,00,400 रुपये
सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा, धनास, खुड्डा जस्सू 3,12,800 रुपये
मलोया, डड्डूमाजरा, शाहपुर चोलियां 2,49,000 रुपये
कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर 2,46,400 रुपये
अटावा, बढ़हेड़ी, बुटेरला, कजहेड़ी, पलसोरा 1,75,300 रुपये
आवासीय और व्यावसायिक दरों में भी संशोधन
आबादी देह क्षेत्र में बुड़ैल और मनीमाजरा में आवासीय कलेक्टर रेट को 72,200 रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़ाकर 73,200 रुपये प्रति वर्ग गज किया गया है, जबकि अन्य गांवों में यह दर 47,800 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। व्यावसायिक क्षेत्रों में बुड़ैल और मनीमाजरा में 1,78,500 रुपये प्रति वर्ग गज तथा अन्य गांवों में 1,44,500 रुपये प्रति वर्ग गज का रेट निर्धारित किया गया है।
निर्माण के लिए भी तय हुई दरें
प्रशासन ने निर्माण क्षेत्र के मूल्यांकन के लिए भी नई दरें तय की हैं। इसके तहत गांवों में 10 वर्ष से कम पुराने निर्माण के लिए 1200 रुपये प्रति वर्ग फीट और 10 वर्ष से अधिक पुराने निर्माण के लिए 600 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर निर्धारित की गई है।