फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: शहर की योजना व विकास में योगदान देने वाले 12 लोग सम्मानित

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 75 इयर्स ऑफ चंडीगढ़: ऑनरिंग इंडियन मॉडर्निस्ट्स ऑफ चंडीगढ़ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में शहर की योजना और विकास में योगदान देने वाले भारतीय आधुनिकतावादियों के प्रथम समूह की 12 शख्सियतों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन

गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी चंडीगढ़ में इस कार्यक्रम का आयोजन शहर की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था। जिसे चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन द्वारा किया गया।
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ आधुनिक भारत की दृष्टि और नियोजित विकास का प्रतीक है। उन्होंने शहर के विशिष्ट चरित्र को बनाए रखने में प्रशासन की भूमिका की सराहना की और कहा कि योजनाबद्ध विकास, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और बेहतर नागरिक अवसंरचना ने चंडीगढ़ को विशिष्ट पहचान दी है।
विज्ञापन

वर्ष 1951 में विकास प्रारंभ होने से अब तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ संतुलित शहरी जीवन का वैश्विक मॉडल बनकर उभरा है। सतत और भविष्य उन्मुख विकास के साथ इसकी विरासत को संरक्षित रखना आवश्यक है।
प्रशासक ने कहा कि भारतीय वास्तुकारों, इंजीनियरों और प्रशासकों ने शहर की परिकल्पना को वास्तविकता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देना और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के नागरिकों ने भी शहर के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 2026 से 2028 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों में संस्थानों, युवाओं और नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।


इस अवसर पर शहर की योजना और विकास में योगदान देने वाले भारतीय आधुनिकतावादियों के प्रथम समूह के 12 व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। अधिकांश व्यक्तित्वों के दिवंगत होने के कारण उनके परिजनों ने सम्मान ग्रहण किया।
वरिष्ठ वास्तुकार एसडी शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से सम्मान प्राप्त किया। समारोह में चंडीगढ़ की वास्तुकला, हरित आवरण और नियोजित अवसंरचना को संरक्षित रखते हुए स्मार्ट पहल, सतत विकास और नागरिक सहभागिता को मजबूत करने पर बल दिया गया।
प्रशासक ने वर्ष 2025 में स्थापित चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन की भूमिका का भी उल्लेख किया, जो विभिन्न पहलों के माध्यम से विरासत संरक्षण, समावेशिता और सतत जीवनशैली को बढ़ावा दे रहा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें