पति पर एससी होते हुए जट सिख बता शादी करने को क्रूरता बताते हुए दाखिल पंजाब पुलिस की कांस्टेबल की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने तलाक से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि याची ने 10 फरवरी 2010 को प्रेम विवाह किया था। उस समय पति ने अपनी जाति जट सिख बताई थी क्योंकि याची भी जट सिख थी।
इसके बाद से ही लगातार उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। इसके बाद याची को एक बेटा पैदा हुआ। 2013 में याची का चयन पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर हुआ। इस दौरान याची के पति ने आईजी को याची के अवैध संबंधों को लेकर शिकायत दी। जांच में पाया गया कि याची के पति द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
इसके बाद भी याची पर अत्याचार खत्म नहीं हुए और उसे घर से निकाल दिया गया। याची के पति की ओर से कहा गया कि याची द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। वह आज भी याची के साथ रहने को तैयार है। याची ने पंजाब पुलिस में आवेदन करते हुए एससी का सर्टिफिकेट लगाया था तो याची कैसे कह सकती है कि उसे जाति का पता नहीं था।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याची की दलीलों को खारिज करते हुए उस पर क्रूरता होने की बात से इनकार कर याचिका को खारिज कर दिया।