लेडी डाक्टर डॉ. यशुमति की मौत के मामले में अब हिमाचल के सीएम ने खुद आगे आते हुए पंजाब के सीएम को नए सिर से जांच करने को कहा है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह नेइस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है हिमाचल की बेटी की मौत का मामला दुखदायी है। उन्होंने इस मामले की नए सिरे से जांच करवाने की आग्रह की है।
जानकारी के मुताबिक, जुलाई माह में यशुमति के परिजनों ने हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह से मुलाकात की थी। साथ ही उन्हें बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बारे में विस्तार से बताया।
उस दौरान सीएम ने कहा था कि यशुमति केवल उनकी ही बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे हिमाचल की बेटी थी। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए उन्हें पंजाब सरकार या केंद्र सरकार से भी संपर्क करना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद सीएम आफिस की तरफ से पंजाब सीएम को पत्र लिखने की कार्रवाई की है।
डॉक्टर के पिता ने सीएम के प्रयास को सराहा
यशुमति के पिता हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के गांव सेरला खाबू निवासी मोरध्वज शास्त्री ने सीएम हिमाचल के प्रयास की प्रशंसा की। वहीं, उन्होंने कहा कि अब उम्मीद जगी है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा।
जिक्रयोग है कि आठ जून को संदिग्ध परिस्थितियों में डॉ. यशुमति की फेज-एक स्थित घर में मौत हो गई थी। उस समय उसके बेड पर सीरिंज व सामान मिला था। पुलिस ने यशुमति का विसरा जांच के लिए लैब भेजा है। वहीं, मामले की जांच सीआईए स्टाफ कर रहा है।
परिजनों ने जताया संदेह
• यशुमति के कमरे का दरवाजा खुला होना और दरवाजे में तोड़फोड़ न होना
• जांच के समय पुलिस द्वारा फोरेंसिक टीम को न बुलाया
• कमरे में सुसाइड नोट न मिलना और न कोई ऐसा चिह्न मिला, जिससे लगे कि सुसाइड किया हो
• पुलिस ने डैड बॉडी नहीं दिखाई
• बयान लिखते समय पुलिस का हमसे कहना है कि ये कहो कि किसी पर कोई शंका नहीं है। जब मैंने कहा कि यह मैं कैसे कह सकता हूं तो हमें धमकाया गया।
डीजीपी को पंजाब पुलिस से तालमेल को कहा
सीएम वीरभद्र सिंह ने इस मामले में डीजीपी हिमाचल प्रदेश को पत्र लिखा है। साथ ही डॉ. यशुमति केस के मामले में पंजाब पुलिस से तालमेल रखने की हिदायत दी है।
पीएम को भी लिखा था पत्र
इससे पहले यशुमति के पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। उन्होंने पीएम से मांग की थी कि उक्त केस की सीबीआई से जांच करवाई जाए। क्योंकि यह केस काफी उलझा हुआ है। पंजाब पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।