खेल महाकुंभ में मां की जिम्मेदारी और कोच होने का फर्ज निभाने वाली महिला सुनील की चारों ओर चर्चा हो रही हैं। उनका जज्बा देखकर सभी खिलाड़ी भावुक हो गए। महिलाएं किसी भी काम में पीछे नहीं हैं। उन्हें दोहरी जिम्मेदारी भी निभानी पड़े तो वे हमेशा तैयार रहती हैं। ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला मंगलवार को महाबीर स्टेडियम में शुरू हुए राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ में।
गुरुग्राम से आईं महिला बास्केटबाल टीम के साथ जो कोच आई हैं, वह दोहरी जिम्मेदारी के साथ आई हैं। एक तो वे टीम की कोच हैं और दूसरा वे मां की भूमिका भी निभा रही हैं। उनका दावा है कि वे अपनी टीम को चैंपियन बनाकर ले जाएंगी। गुरुग्राम बास्केटबाल टीम की कोच सुनील निगानिया टीम के खिलाड़ियों को तो जीत का मंत्र दे ही रही हैं, साथ ही वे अपनी छह माह की बेटी को भी मां का प्यार देकर दे रही हैं।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वे छह माह की मैटरनिटी लीव पर थीं। 15 दिन पहले ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की। इस दौरान ये गेम्स आ गए। टीम की खिलाड़ियों का हौसला किसी तरह भी टूटने न पाए, इसलिए उनके साथ आने का फैसला किया। छह माह की बेटी शनाया को नहीं छोड़ सकती थी, इसलिए उसे भी साथ लाई।