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पुलिस में तालमेल की कमी, 8 दिन बाद परिजनों से मिला बच्चा

Tue, 16 Feb 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस में तालमेल न होने का खामियाजा छह साल के मासूम को भुगतना पड़ा। उसे माता-पिता से दूर रहकर आठ दिन स्नेहालय में बिताने पड़े।
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अगर पंचकूला और यूटी पुलिस में तालमेल होता तो छह साल का मासूम पुलिस स्टेशन में केस आने के कुछ ही समय बाद अपने माता-पिता के पास होता। सोमवार को यूटी पुलिस ने बच्चे को पंचकूला पुलिस की मौजूदगी में उसके पिता को सौंपा।

जानकारी के मुताबिक सात फरवरी को मनसा देवी में परिजनों के साथ पूजा करने आए छह साल कामासूम परिवार से बिछड़ गया था। मनीमाजरा पुलिस को बच्चा रविवार को लावारिस हालत में मिला था। इसके बाद पुलिस ने उसे स्नेहालय में भेज दिया था। उसके बाद से नन्हे वहीं रह रहा था।
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परिजनों ने बच्चे के लापता होने की सूचना उसी दिन मनसा देवी पुलिस स्टेशन में दी थी। इसके बाद पुलिस ने 11 फरवरी को मामले में एफआईआर दर्ज की थी। मनसा देवी पुलिस स्टेशन की एसएचओ राजेश कुमारी ने बताया कि परिजनों ने रविवार को कहा था कि वह बच्चे को ढूंढ रहे हैं। जब 11 फरवरी तक बच्चा नही मिला तो केस दर्ज किया गया था।

बच्चे के गुम होने का मामला मनसा देवी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था और मनीमाजरा पुलिस को बच्चा लावारिस हालत में मिला था, इसके बावजूद पंचकूला पुलिस ने यूटी पुलिस से संपर्क नहीं किया। तालमेल की कमी के कारण बच्चे को आठ दिन तक माता-पिता से दूर स्नेहालय में रहना पड़ा।

अखबारों में खबर छपने के बाद जागी पुलिस
सोमवार सुबह जब अखबारों में नन्हे के अपहरण की खबर छपी, तब पुलिस नींद से जागी और बच्चे के पिता को स्नेहालय में बुलाकर नन्हे को उनके हवाले किया।

स्नेहालय से मेल गई तब तीनों पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बच्चे के मिलने की एनाउंसमेंट
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की सब इंस्पेक्टर सर्बजीत कौर ने बताया कि सोमवार को उनको स्नेहालय से एक मेल मिली, जिसमें लावारिस नन्हे के मिलने की बात थी। इसके बाद यूटी, पंचकूला और मोहाली पुलिस कंट्रोल रूम में छह साल के बच्चे के गायब होने की सूचना साझा की गई। इसके बाद मनसा देवी पुलिस स्टेशन की ओर से यूटी पुलिस को फोन आया और नन्हे के बारे में पता चला। पुलिस ने नन्हे के परिजनों को सूचना देकर स्नेहालय बुलाया और दोपहर को बच्चा सौंप दिया।
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लावारिस बच्चे के मिलने पर तीनों शहरों की पुलिस को साझा करनी होती है सूचना
वही जब भी लावारिस कोई बच्चा पुलिस को मिलता है तो यूटी, पंचकूला और मोहाली की पुलिस आपस में बच्चे की डिटेल शेयर करते हैं। एक दूसरे के कंट्रोल रूम में लापता बच्चे के हुलिए के बारे में बताया जाता है। ताकि अगर किसी भी थाना क्षेत्र से कोई बच्चा गुम हुआ हो तो उसका पता लग सके। लेकिन इस मामले में पंचकूला और यूटी पुलिस में तालमेल की कमी रही। नन्हे के पिता भूरे ने बताया कि वह डेराबस्सी के मुबारिकपुर में रहते हैं। भूरे ने बताया कि नन्हे की मां आठ दिनों से बीमार है और बिस्तर पर ही है। उसकी तबीयत खराब है।
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