पंजाब सरकार तेजाब पीड़ितों को लाखों रुपये मुआवजा देती है, लेकिन जानकारी न होने के कारण पीड़ित इसका लाभ नहीं उठा पाते। इस बात का अंदाजा डिस्ट्रिक लीगल अथॉरिटी डीएलएसए के आंकडों से लगाया जा सकता है। पांच साल में केवल एक तेजाब पीडि़त के परिवार ने सहायता के लिए गुहार लगाई है।
सरकार ने तेजाब पीडि़तों की मदद के लिए कई तरह की स्कीमें शुरू की हैं। उन्हें बढ़िया तरीके से जीवन यापन करने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाती है। लेकिन वर्ल्ड क्लास सिटी के लोग इन स्कीमों से अभी तक भी अनजान है।
डीएलएसए से मिली जानकारी के मुताबिक 2011 से लेकर अब तक 12 तेजाब के केस सामने आए हैं। लेकिन एक तेजाब पीडि़त परिवार ने डीएलएसए से दी जाने वाली सहायता के लिए आवेदन किया। जिस परिवार के आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था। उक्त व्यक्ति की 2014 में मौत हो गई थी। डीएलएसए के मुताबिक रेप पीडि़त को तीन लाख का मुआवजा दिया जाता है।
वहीं, बलात्कार पीडि़ता जिसकी हत्या कर दी हो उसके परिजनों का चार लाख का मुआवजा दिया जाता है। वहीं, रेप पीडि़त के मुआवजे के लिए दो कैटेगरी तय की गई है। जिसके तहत रेप पीड़ित का यदि चेहरा खराब होता है तो उसे तीन लाख तक का मुआवजा दिया जाता है। वहीं, यदि तेजाब पीडि़त को कम नुकसान हुआ हो तो पचास हजार तक दिए जाते हैं।
डीलीएसए मोनिका लांबा ने माना कि लोगों का इस संबंधी जागरूकता काफी कम है। जिसके चलते ही यह समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही इस संबंधी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह स्कीमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जल्दी ही होर्डिंग व अन्य कार्रवाई की जाएगी।