नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के नवांशहर (एसबीएस नगर) स्थित पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड अटैक मामले में बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने मामले में जो आरोप पत्र दाखिल किया है, उसमें खुलासा किया है कि नवांशहर पुलिस चौकी पर ग्रेनेड अटैक के पीछे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) का हाथ था।
एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यूके बैठे केजेडएफ के हैंडलर जगजीत सिंह लहरी उर्फ जग्गा उर्फ जग्गा मियापुरी उर्फ हरि सिंह ने केजेडएफ के चीफ रंजीत सिंह उर्फ नीटा के कहने पर नवांशहर के गांव राहों के रहने वाले युगप्रीत सिंह युवी निहंग को ग्रेनेड अटैक के लिए अपने टेरर मॉड्यूल में भर्ती किया गया।
नवांशहर पुलिस चौकी पर ग्रेनेड अटैक के लिए हैंडलर जग्गा ने युगप्रीत सिंह को 4.36 लाख रुपये का आतंकी फंड मुहैया कराया था। इसके बाद जग्गा के कहने पर इस ग्रेनेड अटैक के लिए युगप्रीत सिंह ने अपने ही गांव के जसकरण सिंह उर्फ शाह और हरजोत सिंह उर्फ जोत हुंदल को भी केजेडएफ टेरर माॅड्यूल का हिस्सा बनाया था।
एनआईए के मुताबिक दिसंबर में ग्रेनेड अटैक के लिए नवंबर 2024 में करीब एक महीने पहले ही केजेडएफ के विदेश बैठे हैंडलर ने उन्हें ग्रेनेड मुहैया करा दिए थे। एनआईए ने मार्च 2025 में पंजाब पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथों में ले ली थी।
2 दिसंबर, 2024 की मध्यरात्रि को कराया था ग्रेनेड अटैक
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया कि 2 दिसंबर, 2024 की मध्यरात्रि युगप्रीत सिंह ने जसकरण सिंह और हरजोत सिंह के साथ साजिश रच अरसोन पुलिस चौकी पर ग्रेनेड अटैक कराया। इस मामले में एनआईए ने इन तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
जांच में तीनों के पाकिस्तान, ब्रिटेन और कनाडा में केजेडएफ आतंकी मॉड्यूल के गुर्गों से लिंक सामने आए हैं। एनआईए ने इन पर यूएपीए अधिनियम, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित प्रावधानों की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
जांच के दौरान यह सामने आया कि जग्गा ने यूके में रहने वाले एक परिचित के जरिये युगप्रीत सिंह की भर्ती की थी। केजेडएफ के अन्य आतंकवादियों और गुर्गों के साथ मिलकर जग्गा ने युगप्रीत को कट्टरपंथी बनाया और व्हाट्सएप के जरिये लगातार उसके संपर्क में था।