2001 के बाद जो स्टूडेंट्स किसी वजह से रि-अपीयर और कंपार्टमेंट का एग्जाम नहीं दे पाए, उन्हें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गोल्डन चांस दे रही है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऐसे विद्यार्थी जल्द ही आवेदन कर दिसंबर 2017 व अप्रैल 2018 तक परीक्षा दे सकते हैं। प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष में केयू ने प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों को गोल्डन जुबली चांस देने का निर्णय लिया है।
कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों के आवेदन और इसके लिए बनाई गई कमेटी की सिफारिशों के आधार पर एडिशनल मर्सी चांस विद्यार्थियों को देने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने बताया कि वर्ष 2001 के बाद केयू के किसी भी पाठ्यक्रम में किसी विद्यार्थी की रिअपीयर व कंपार्टमेंट हैं, तो उन्हें हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष में एक और मौका देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फायदा होगा और वे अपनी अधूरी परीक्षाओं को पास कर जीवन में उनका लाभ ले सकेंगे।
कुलपति ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने हमेशा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लिए हैं। ऐसे विद्यार्थी जो अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके थे उनको अब इसका लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2001 के बाद के विद्यार्थियों को यह विशेष मर्सी चांस देने का निर्णय लिया है। जिन विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर वार्षिक, ओड व इवन सेमेस्टर की परीक्षा देनी है वे इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फार्म आवेदन करने की तिथि के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
ओड सेमेस्टर की परीक्षा अक्टूबर, दिसंबर 2017 व जनवरी 2018 मे होंगी। इवन सेमेस्टर की परीक्षा अप्रैल, मई 2018 में आयोजित की जाएगी। 2001 के बाद पिछले 17 वर्षों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहे व विश्वविद्यालय से किसी पाठ्यक्रम की परीक्षा दे चुके विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर स्पेशल मर्सी चांस का लाभ उठा सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षाएं वर्तमान में चल रहे पाठ्यक्रमों के अनुसार देनी होगी व निर्धारित समयावधि में अपना आवेदन फार्म परीक्षा शाखा में जमा करवाना होगा।