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रेहड़ी पर चाय बेचने वाले पर निकला 50.76 करोड़ का लोन, ऐसे हुआ खुलासा

Fri, 24 Jul 2020 12:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
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Kurukshetra: चाय बेचने वाले पर निकला करोड़ों का लोन। - फोटो : ANI
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एक चाय वाले पर 50.76 करोड़ का लोन है, शायद यह सुनकर आप चौंक गए होंगे लेकिन कुरुक्षेत्र में एक चाय वाले के साथ ऐसा ही है। दरअसल, उसने किराना व दूध का कर्ज चुकाने के अलावा अपना चाय का काम फिर से शुरू करने को 50 हजार रुपये का पर्सनल लोन के लिए एक फाइनेंस कंपनी में एप्लाई किया था। 

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कंपनी ने लोन देने से मना कर दिया। इसका कारण पता करने पर जो जानकारी मिली उसे सुनकर चायवाले के होश उड़ गए। उस पर 50 करोड़ 76 लाख रुपये का बैंक लोन निकला। कुरुक्षेत्र के दयालपुर गांव के राजकुमार ने 50 हजार के पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया था। लेकिन फाइनेंस कंपनी ने यह कहकर लोन देने से इनकार कर दिया कि आपका सिबिल स्कोर ठीक नहीं है। 



उन्होंने इसकी डिटेल निकलवाई तो उनके नाम 50 करोड़ 76 लाख 20 हजार रुपये लोन निकला। इनमें सबसे बड़ी राशि 50 करोड़ 50 लाख रुपये है। यह लोन 27 अप्रैल 2013 का दिखाया गया है। अब चाय वाला परेशान है। राजकुमार ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र के थानेसर शहर में आहुवालिया चौक पर चाय की रेहड़ी लगाता है। लॉकडाउन में उसकी चाय की दुकान बंद थी। उसने घर चलाने को किराना और दूध की उधारी ली थी। अब अनलॉक-1 से चाय की रेहड़ी लगानी शुरू की लेकिन चाय की मांग अपेक्षाकृत कम है। 

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किराना व दूध की उधार भी देनी है। उसने जुलाई के पहले सप्ताह में कुरुक्षेत्र के रेलवे रोड स्थित एक फाइनेंस कंपनी में 50 हजार रुपये के लोन का आवेदन किया। 16 जुलाई को उसको फोन कर बताया कि आपका सिबिल स्कोर ठीक न होने की वजह से लोन नहीं दिया जा सकता।

सिबिल रिपोर्ट में दिखाए गए 16 लोन
राजकुमार ने बताया कि उसने अपना सिबिल रिकॉर्ड निकलवाया तो वह हैरान रह गया। उसके रिकॉर्ड में 16 लोन दिखाए गए हैं। इनमें 50.50 करोड़ का 27 अप्रैल 2013 का कॉमर्शियल व्हीकल लोन दिखाया गया है। कई लोन तो हर महीने दिखाए गए हैं। इसके अलावा किसान क्रेडिट, ऑटो व ट्रैक्टर लोन दिखाया गया है। उसकी सिबिल रिपोर्ट में 57 करोड़ 75 लाख 20 हजार रुपये के लोन दिखाए गए हैं।
  
राजकुमार ने बताया कि उसने 30 सितंबर 2015 को 20 हजार रुपये का मुद्रा लोन लिया था। इस राशि में अपनी चाय की दुकान शुरू की थी। इसका 17,119 रुपये जमा कराना बाकी है। सिबिल रिपोर्ट में उसके लोन को नहीं दर्शाया गया, जबकि बाकी मोटी राशि के लोन उसकी रिपोर्ट में दिए गए हैं। उसके गांव के पड़ोसी पवन कुमार ने उसके साथ ही आवेदन किया था, उसको लोन मिल गया है लेकिन राजकुमार के आवेदन को रद्द कर दिया गया है।
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  • तारीख                         कारण                            लोन राशि
  • 19 जून 2020-             अन्य                             10,000
  • 20 दिसंबर 2019-        पर्सनल लोन                    53,9500
  • 26 अप्रैल 2019-          पर्सनल लोन                    10,95,000
  • 11 मार्च 2019-            पर्सनल लोन                    50,000    
  • 13 फरवरी 2019-        ऑटो लोन                        300000
  • 11 फरवरी 2019-        कॉमर्शियल व्हीकल लोन    300000
  • 05 नवंबर 2018-          अन्य                             15,000
  • 06 अप्रैल 2018 -          अन्य                             15,000
  • 21 सितंबर 2017-         अन्य                            25,000
  • 06 मार्च 2017-            बिजनेस लोन-एग्रीकल्चर  70,000
  • 18 नवंबर 2015-          कंज्यूमर लोन                 20,000
  • 18 नवंबर 2015           कंज्यूमर लोन                20,000
  • 05 नवंबर 2015-           बिजनेस लोन-एग्रीकल्चर 70,000
  • 15 सितंबर 2015-          टू-व्हीलर लोन               40,500
  • 15 मार्च 2015-           बिजनेस लोन-जनरल         50000
  • 27 अप्रैल 2013-         कॉमर्शियल व्हीकल लोन    50,50,00000  

  • कुल राशि-                                                       50,76,20,000
सिविल एजेंसी से मांगा है स्पष्टीकरण: गुमरा
जिला अग्रणी बैंक हरिसिंह गुमरा ने कहा कि यह तकनीकी खामी की वजह से हुआ है। जल्द ही इसके दुरूस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने इस मामले में  सिबिल एजेंसी को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। फिलहाल पता चला है कि राजकुमार ने तीन लाख रुपये के लोन लिए हैं, इसके बारे में भी उससे डिटेल मांगी गई है।
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