चंडीगढ़ के तीन अस्पतालों में केमिस्ट शॉप खुलने में थोड़ा वक्त और लग सकता है। कुछ महीने पहले इन केमिस्ट शॉप के टेंडर खुले थे। प्राइस बिड में शहर के बड़े केमिस्ट शॉप कुमार ब्रदर्स ने बाजी मारी थी। लेकिन टेंडर भरते समय उन्होंने अहम जानकारियां छिपा लीं। जांच में पता चला कि उनके खिलाफ प्रॉपर्टी के एक मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसकी जानकारी उन्होंने टेंडर भरते वक्त सार्वजनिक नहीं की थी। जांच में जब यह बात सामने आई तो चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन को बिड खारिज करने की सिफारिश कर दी है। साथ ही यह भी पूछा कि क्या टेंडर दूसरे नंबर पर आई कंपनी को दिया जाए या फिर दोबारा टेंडर निकाले जाएं।
इन अस्पतालों में खुलनी थी केमिस्ट शॉप
इसी साल चंडीगढ़ प्रशासन ने मनीमाजरा सिविल अस्पताल, सेक्टर 22 व सेक्टर 45 अस्पताल में केमिस्ट शॉप के लिए टेंडर निकाले थे। सबसे ज्यादा प्राइस बिड कुमार ब्रदर्स ने भरी थी। कंपनी ने मनीमाजरा हास्पिटल के लिए नौ लाख 51 हजार रुपये, सेक्टर 22 सिविल अस्पताल की केमिस्ट शॉप के लिए 9.51 लाख और सेक्टर 45 अस्पताल की छह लाख 51 हजार रुपये की बिड भरी थी। हालांकि टेंडर अलॉट नहीं किए गए थे।
अस्पताल बनने के बाद से नहीं हैं केमिस्ट शॉप
तीनों सिविल अस्पताल में एक भी केमिस्ट शॉप नहीं है। जब से अस्पताल का निर्माण हुआ है, तबसे मरीजों को दवाओं के लिए बाहर भटकना पड़ता है। दिन में तो किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन रात के वक्त तो मुश्किलें बढ़ जाती हैं। शहरवासियों ने कई बार मुद्दा उठाया था, लेकिन बात नहीं बन पा रही थी। अब जब केमिस्ट शॉप के लिए टेंडर निकाले गए तो नई बाधा उत्पन्न हो गई है।
जेनरिक स्टोर खोलने पर भी चल रहा है विचार
डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस डॉ. विनीता गुप्ता ने बताया है कि तीनों हास्पिटल में जेनरिक स्टोर खोलने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में अगले हफ्ते मीटिंग है। जेनरिक स्टोर में अब ज्यादा दवाइयां दी जा रही है। इससे मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। अमृत स्टोर इन अस्पतालों में नहीं खोले जा सकते, क्योंकि उसमें दवाओं के साथ इंप्लांट भी मिलते हैं। इन अस्पतालों में इंप्लांट का कोई फायदा नहीं। ऐसे में अमृत का स्टोर खोलना मुश्किल होगा।
जिस कंपनी की प्राइस बिड ज्यादा थी, उसमें कुछ खामियां पाई गई हैं। उनके खिलाफ एफआईआर होने की सूचना मिली थी। इसलिए टेंडर अलॉट करने में देरी हुई है। अब नए सिरे से टेंडर निकाले जाएंगे या फिर दूसरे नंबर पर आई कंपनी को दिए जाएंगे। इस पर विचार किया जा रहा है।
-डॉ. विनीता गुप्ता, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज चंडीगढ़
हमने कोई भी जानकारी नहीं छिपाई है। इस बारे में जानकारियां भी नहीं दी जा रही हैं कि टेंडर का क्या हो रहा है।
-अश्विनी कुमार, मालिक कुमार ब्रदर्स चंडीगढ़।