इनेलो के बाद अब हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की मांग की है।
बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मिलने पहुंचे कुलदीप बिश्नोई ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि आंदोलन में हिंसा भड़काने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह के साथ हुड्डा के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
ज्ञापन में बिश्नोई ने कहा है कि हरियाणा की स्थिति अत्यंत अस्थिर और विस्फोटक बन गई है। मौजूदा सरकार ने लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र की शांति व्यवस्था को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। जाट आंदोलन के दौरान कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लोगों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौजूदा हालात में केवल संपत्ति का ही भारी मात्रा में नुकसान नहीं हुआ बल्कि कई लोगों की जान भी गई है। बिश्नोई ने ज्ञापन में लिखा है कि हरियाणा में आज 1947 के विभाजन जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
बिश्नोई ने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में हिंसा घटनाओं में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह फेल हो गया है और राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से इतर कोई विकल्प नहीं बचा है।
प्रो. वीरेंद्र सिंह के वायरल हुए आडियो का उल्लेख करते हुए कुलदीप बिश्नोई ने राज्यपाल से कहा कि इस आडियो ने यह साफ कर दिया है कि आंदोलन को हिंसक रूप देने के लिए कांग्रेस और इनेलो के नेताओं ने षड्यंत्र रचा था। इसलिए वीरेंद्र सिंह के साथ ही तुरंत प्रभाव से भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनसे संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।