चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी हड़पने के मामले में सोमवार को जिला अदालत में गवाह अमित गुप्ता से बचाव पक्ष के वकीलों ने सवाल जवाब किए। पिछली सुनवाई के दौरान अमित गुप्ता को अपनी शैक्षणिक योग्यता और ड्रग लाइसेंस पेश करने को कहा गया था, लेकिन वह दस्तावेज पेश नहीं कर सके। बचाव पक्ष के वकील ने इस मामले में ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी से जांच कराने की मांग करते हुए अदालत में आवेदन पेश किया। मामले में अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।
संजीव महाजन और सेक्टर-39 के पूर्व थाना प्रभारी राजदीप के वकील ने गवाह से सवाल जवाब किए। दस्तावेज पेश न कर पाने पर महाजन के वकील ने अपील की कि ड्रग अथॉरिटी से अमित गुप्ता के मेडिकल स्टोर का सारा रिकॉर्ड जांच करवाकर अदालत में पेश करवाया जाए। अदालत ने इस आवेदन को मंजूर कर लिया। उसके बाद राजदीप के वकील ने गवाह से पूछा कि थाने ले जाने वाले पुलिसकर्मियों को पहचान सकते हैं, इस पर गवाह ने उन्हें पहचान पाने से मना कर दिया। अब 15 फरवरी को पुलिस अन्य गवाहों को भी पेश करेगी।
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वर्ष 2017 में काली शूटर ने दी थी धमकी
अमित गुप्ता ने अदालत को बताया कि उसे सितंबर 2017 में बदमाश काली शूटर ने व्हाट्सएप पर उन्हें धमकी दी थी। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी। गवाह ने बताया कि इस दौरान काली शूटर ने उनसे फिरौती भी मांगी थी। वर्तमान में रविंदर उर्फ काली शूटर तिहाड़ जेल में बंद है और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का खास साथियों में शामिल है।
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पुलिस ने अदालत को सौंपी 13 संवेदनशील गवाहों की सूची
पुलिस ने सोमवार को अदालत में गवाहों की एक सूची पेश की। इस सूची में अमित गुप्ता, तरुण उर्फ तरसेम और राहुल मेहता सहित कुल 13 लोगों के नाम शामिल हैं। इन गवाहों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पहले ही सबके नाम अदालत को बता दिए हैं। बता दें कि आरोपियों के डर से गवाह तरुण उर्फ तरसेम ने अदालत से सुरक्षा की मांग की थी। अदालत के आदेश पर उसे सुरक्षा मुहैया करवाई जा चुकी है। जरूरत के अनुसार बाकी गवाहों को भी सुरक्षा दी जाएगी।