1708 में पहली बार बुलाया गया था सरबत खालसा
जानकारी के अनुसार, सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की सिख मिसल ने 1708 में पहली बार सरबत खालसा बुलाया था। इसके बाद कई बार अलग-अलग मुद्दों पर सरबत खालसा बुलाया गया। 1805 में सिख साम्राज्य के महाराजा रणजीत सिंह ने सरबत खालसा बुलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। 1986 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद दोबारा सरबत खालसा बुलाया गया था। इसके बाद नवंबर 2015 में सरबत खालसा बुलाया गया था। इसे शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान ने बुलाया था।
किसे है अधिकार
सरबत खालसा बुलाने का अधिकार सिर्फ श्री अकाल तख्त साहिब को ही है। श्री अकाल तख्त साहिब को सिखों की सर्वोच्च संस्था माना जाता है। इसके जत्थेदार को ही अधिकार होता है कि वह सरबत खालसा बुला सकता है।