अलग-अलग तरह के रोजेशिया
- एरीथेमैटोटेलांगेस्टाटिक रोजेशिया में सामान्य लालिमा के साथ चेहरे पर नशों का उभार दिखाई देता है
- पॉपुलोपोस्टलर रोजेशिया में चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं जो लालिमा लिए होते हैं
- राइनोफायमा रोजेशिया बहुत कम होता है। इसमें नाक की त्वचा मोटी और लाल हो जाती है
- ओक्यूलर रोजेशिया होने पर आंखों के आसपास त्वचा लाल हो जाती है और आंखों में जलन होती है
इन वजहों से हो सकता है रोजेशिया
- ल्यूपस(ऑटोइम्यून बीमारी) और थायराइड के कारण
- गर्म चाय और कॉफी का अधिक सेवन करना
- अधिक मसालेदार भोजन का सेवन करना
- टमाटर, दालचीनी और चॉकलेट के अधिक सेवन से क्योंकि इन चीजों में सिनामाल्डिहाइड होता है जो इसे बढ़ाता है
- आंतों में मौजूद रहने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से
- ज्यादा गोरे रंग और सुनहरे बालों वाले लोगों में भी रोजेशिया का खतरा अधिक होता है
- धुएं के अधिक संपर्क में रहने वाले लोगों को भी रोजेशिया हो सकता है
- अधिक एक्सरसाइज करने से भी आप इसके शिकार हो सकते हैं
- अधिक गर्म पानी से नहाने पर भी यह बीमारी हो सकती है
ब्यूटी एक्सपर्ट की सलाह
ब्यूटी एक्सपर्ट नीति भारती कहती हैं कि रोजेशिया वाले व्यक्ति अपनी त्वचा पर किसी भी तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल और मेकअप से पहले उसे अपने स्किन टाइप पर यूज कर लें ताकि नुकसान न हो। खुजली और स्क्रबिंग से बचें। चेहरे को एक्सफोलिएट भी न करें। इससे आपकी त्वचा को नुकसान हो सकता है।
त्वचा पर फ्रेगरेंस फ्री और मिनरल युक्त मेकअप का ही इस्तेमाल करें। बहुत ज्यादा जरूरत महसूस होने पर ही मेकअप करें। कोशिश करें कि त्वचा हमेशा मुक्त रहे। नीति का कहना है कि एलोवेरा एक ऐसा इंग्रीडिएंट है जो हर तरह की त्वचा के लिए लाभदायक होता है। एलोवेरा एक्सट्रैक्ट को त्वचा पर लगाएं और कुछ देर बाद ठंडे पानी से धो लें। गर्मी के मौसम में 24 घंटे में बर्फ से 3 बार 5 मिनट तक एलोवेरा जेल लगाकर मसाज करने से काफी आराम मिलेगा। हर्बल सनस्क्रीन का उपयोग करें।
रोजशिया होने पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें, न हीं स्टेरॉयड क्रीम लगाएं क्योंकि शुरुआत में ये तत्काल प्रभाव करता है लेकिन इससे त्वचा और पतली हो जाती है। इससे समस्या कम होने के बजाय और तेजी से बढ़ती है। -डॉ. विकास शर्मा, त्वचा रोग विशेषज्ञ