अगर आपके सफेद दाग हैं तो परेशान मत हों, इनको प्राथमिक स्टेज पर दिखाएंगे तो दाग गायब हो जाएगा। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च के एडिशनल प्रो. डॉ. देविंदर प्रसाद ने वर्ल्ड विटिलिगो-डे के मौके पर भार्गव ऑडिटोरियम में आयोजित कांफ्रेंस के दौरान बताया सफेद दाग के बारे में लोगों की अवधारणाएं गलत हैं। यह फैलने वाली बीमारी नहीं है। इस बीमारी का इलाज आसानी से संभव है।
डॉ. देविंदर प्रसाद ने कहा कि ल्यूकोडर्मा से विश्व की चार फीसदी तक आबादी प्रभावित है। इसका ज्यादा प्रभाव इंडिया में है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम आपस में लड़ने लगता है। इसका इलाज सर्जरी, लेजर से हो जाता है।
सूर्य की किरणें हैं जरूरी
विटिलिगो रिसर्च फाउंडेशन के यान वेले ने कहा कि शरीर के लिए सूर्य की रोशनी सबसे ज्यादा जरूरी है। सूर्य की किरणें समंदर के किनारे सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं। उन्होंने कहा कि सुबह के समय शरीर पर पड़ने वाली किरणों से लाभ होता है। उन्होंने बताया कि इंडिया में इस रोग का ज्यादा इसलिए दिखता है, क्योंकि यहां के लोगों का आमतौर पर रंग गेहुआं होता है।
रैली का आयोजन
वर्ल्ड विटिलिगो-डे के मौके पर पीजीआई के निदेशक प्रो. वाईके चावला ने रिक्शा रैली को रवाना किया। भार्गव ऑडिटोरियम में इस बीमारी के लिए जागरूकता फैलाने के लिए नाटक का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रो. वाईके चावला ने कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में ल्यूकोडर्मा के मरीजों का इलाज सबसे बेहतर होता है।