जब सिरदर्द बार-बार होने लगे और ये काफी तेज हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें, क्योंकि ये किसी गंभीर रोग का लक्षण हो सकता है, जैसे ब्रेन ट्यूमर। यह कहना है मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल मोहाली के डाक्टरों का।
सेक्टर 43बी स्थित होटल गौड़ में आयोजित प्रेस वार्ता में न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के कंसलटेंट डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है, लेकिन ट्यूमर संबंधित कई अन्य संकेत या परिस्थितियां भी हो सकती हैं, जिसके कारण सिरदर्द होता हो।
सुबह-सुबह सिरदर्द होना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। न्यूरोसर्जरी के कंसलटेंट डॉ. नितिन योगेश ने बताया कि इंटराक्रेनियनल प्रेशर (आईआईसीपी) के लगातार बढ़ने से मस्तिष्क पर दबाव की मात्रा काफी बढ़ जाती है और इससे अत्यधिक तरल पैदा होता है, मस्तिष्क में सूजन आती है या एक गांठ बन जाती है, जो ब्रेन ट्यूमर का कारण हो सकता है।
सिरदर्द, सामान्य तौर पर एक व्यक्ति में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। अन्य लक्षणों में दौरा पड़ना, नजर या सुनने की क्षमता पर असर, चक्कर आना, मिचली और उलटी आना, हाथों और टांगों में कमजोरी के फिट्स आना या संज्ञानात्मक का स्तर कम होना आदि अन्य संबंधित लक्षण हैं।
सिरदर्द के तय कारकों का विस्तार से विवरण देते हुए डॉ. गुप्ता ने बताया कि कुछ खास तरह के सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर में आम होते हैं, जैसे कि दर्द को काफी हल्का, एचिंग या मंद-मंद महसूस होना। समय बीतने के साथ सिरदर्द बार-बार होने लगता है और इसकी गंभीरता भी बढ़ जाती है और आगे चलकर ये लगातार बना रहने वाला दर्द बन जाता है, जिससे आसानी से राहत नहीं मिलती है।
शरीर के हिलने-डुलने की अवस्था में ये और भी तेज हो जाता है, विशेषकर लेटने के दौरान। वहीं खांसी या छींक आने पर भी ये काफी तेज हो जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य धारणा के विपरीत ब्रेन ट्यूमर का इलाज हो सकता है और कैंसर आधारित ट्यूमर को भी नियंत्रित किया जा सकता है और समय पर ध्यान देने और सही इलाज से इसको ठीक किया जा सकता है।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
1. सिरदर्द और कई बार हाथों में सिहरन
2. शरीर के एक हिस्से में कमजोरी
3. दौरा पड़ना (विशेषकर बुजुर्गों में)
4. व्यक्ति की मानसिक क्षमताओं में बदलाव
5. सर्तकता में बदलाव (अनिद्रा, अवचेतना और संज्ञाशून्य हो जाना)
6. थकान या मूवमेंट में असामान्य सनसनी (वर्टिगो)
7. संतुलन और को-ऑर्डिनेशन क्षमता प्रभावित होना
8. उलझन, यादाश्त में कमी, आंखों में समस्याएं