परगट सिंह
57 साल के पूर्व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। परगट सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल से की थी। 2012 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2016 में शिअद ने उन्हे सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में शामिल होकर 2017 में जालंधर कैंट विधानसभा से दूसरी बार जीत दर्ज की।
राणा गुरजीत सिंह
कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह को चन्नी कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। इससे पहले वह कैप्टन अमरिंदर सिंह कैबिनेट का भी हिस्सा रहे हैं। 2004 से 2009 तक राणा गुरजीत सिंह जालंधर के सांसद भी रह चुके हैं। 2017 में कपूरथला विधानसभा सीट से विधायक बने।
काका रणदीप सिंह
काका रणदीप सिंह का नाम ऐन वक्त पर मंत्रियों की सूची में शामिल किया गया। इससे पहले कुलजीत सिंह नागरा का नाम चल रहा था। काका रणदीप अमलोह विधानसभा से विधायक हैं। काका रणदीप चार बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2002, 2007, 2012 और 2017 में विधायक बने।
मनप्रीत सिंह बादल
कैप्टन सरकार में मंत्री रह चुके मनप्रीत सिंह बादल ने चन्नी कैबिनेट में भी मंत्री पद की शपथ ली। मनप्रीत बादल 1995 से 2012 तक पंजाब विधानसभा के सदस्य रहे। वहीं 2007 से 2010 तक प्रकाश सिंह बादल की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में भी उन्हें वित्त मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
भारत भूषण आशु
भारत भूषण आशु लुधियाना (पश्चिम) से दूसरी बार विधायक हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने रविवार को शपथ ग्रहण किया। आशु कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री थे। भारत भूषण आशु ने 1997 में पार्षद का चुनाव जीतकर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। 2012 में पहली बार कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता। 2017 में भी जीत का यह सिलसिला जारी रहा।
विजय इंदर सिंगला
कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में शिक्षा मंत्री रहे विजय इंदर सिंगला को भी नई कैबिनेट में जगह दी गई है। 2017 में संगरूर विधानसभा से विजय इंदर सिंगला ने जीत दर्ज की थी। 2009 से 2014 तक सिंगला संगरूर लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद भी रहे।
रजिया सुल्ताना
रजिया सुल्ताना पहली बार 2002 में मालेरकोटला विधानसभा सीट से विधायक बनीं। 2007 में दूसरी बार इसी सीट से जीत दर्ज की। हालांकि 2012 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 में मालेरकोटला से तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री बनाया गया था।
अरुणा चौधरी
अरुणा चौधरी पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता हैं। वह मौजूदा समय में दीनानगर विधानसभा से विधायक हैं। 2002 में दीनानगर से विधानसभा चुनाव जीता और इसके बाद 2012 में दोबारा यही से जीत दर्ज की। 2017 में दीनानगर सीट से तीसरी बार जीतकर पंजाब विधानसभा पहुंचीं।
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गुरकीरत सिंह कोटली
लुधियाना की खन्ना विधानसभा सीट से विधायक गुरकीरत सिंह कोटली को मंत्री बनाया गया है। 2012 और 2017 में कोटली ने विधानसभा चुनाव जीता था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह इनके दादा थे। आतंकवादी हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी।
ब्रह्म मोहिंदरा
75 वर्षीय ब्रह्म मोहिंदरा छह बार विधानसभा चुनाव जीते। वहीं दो बार हार का भी सामना करना पड़ा। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मोहिंदरा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। अब चन्नी कैबिनेट में भी उन्हें शामिल किया गया है। मोहिंदरा पहली बार 1980 में पटियाला शहर से विधायक बने थे। मौजूदा समय में वह पटियाला देहात से विधायक हैं।
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा
फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। जमीनी स्तर से बाजवा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। पहले कादियां नगर परिषद का उन्हें सदस्य चुना गया था। इसके बाद वह अध्यक्ष भी बने। 1992 में पहली बार कादियां से बाजवा ने विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2002 में दूसरी बार जीत दर्ज की और 2003 में इन्हें मंत्री बनाया गया। 2012 और 2017 में विधानसभा चुनाव जीते।
सुखबिंदर सिंह सरकारिया
राजासांसी से कांग्रेस विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया को भी कैबिनेट में जगह मिली है। सरकारिया कैप्टन सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 1997 में पहली बार राजासांसी से ही विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन सरकारिया को हार का सामना करना पड़ा था। 2007 विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत मिली थी। इसके बाद 2012 और 2017 में भी विधायक बने।