ड्रग तस्करी का आरोपी पूर्व डीएसपी जगदीश भोला।
- फोटो : संवाद
पंजाब में छह हजार करोड़ के ड्रग तस्करी मामले में कोर्ट ने पूर्व डीएसपी जगदीश भोला को दस साल की कैद की सजा सुनाई है। एक समय था जब जगदीश भोला का कुश्ती में बड़ा नाम था। वह कुश्ती के किंग कांग के रूप में जाना जाता था। उसने अपने कुश्ती कॅरिअर के दौरान अर्जुन पुरस्कार भी जीता था, लेकिन धीरे-धीरे उसने नशे के कारोबार में ऐसा प्रवेश किया कि बड़ा ड्रग्स सरगना बन गया।
गांव से शुरू किया था कुश्ती खेलना
भोला का जन्म चौके जिला बठिंडा में हुआ था। भोला ने अपना अधिकांश बचपन अपने ननिहाल में बिताया। बचपन में ही मामा ने उसे कुश्ती को अपना कॅरिअर के लिए प्रोत्साहित किया और चौके गांव में ही उन्होंने उन्हें प्रशिक्षण दिया, जहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हुए। बाद में भोला लुधियाना चला गया और कुश्ती में महारत हासिल करने के लिए एक प्रसिद्ध अखाड़े के साथ जुड़ गया। एक पहलवान के रूप में वे 1991 में दिल्ली में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद प्रसिद्धि पर पहुंचा।