पंजाब के वर्ष 2014-15 के 73593 करोड़ रुपये के बजट में 4252.63 करोड़ के राजस्व घाटे को पूरा करने का पूरा खाका वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने तैयार किया है। उक्त राशि में से 15000 करोड़ रुपये उन बैंक ट्रांजेक्शन से संबंधित हैं, जो कि वर्ष के दौरान ओवर-ड्राफ्टिंग के वक्त सरकार करती है।
इतना पैसा लेने के बाद लौटा दिया जाता है। इस प्रकार बजट का वास्तविक आकार 58593 करोड़ रुपये है और यही खर्च का आंकड़ा भी है। वहीं, राजस्व प्राप्तियों सहित अन्य सभी साधनों से कुल प्राप्ति 56752 करोड़ अनुमानित की गई है।
इस प्रकार प्राप्तियों व खर्च का अंतर 1841 करोड़ रुपये बनता है, जिसे रिसोर्स मोबिलाइजेशन, वैट कलेक्शन में इजाफे, टैक्स चोरी रोकने तथा केंद्र से मदद जैसे साधनों से पूरा करने की बात वित्त मंत्री कर रहे हैं। प्राप्तियों व खर्च का ब्यौरा इस प्रकार है :-
कुल प्राप्तियां और कुल खर्च
कुल प्राप्तियां: 56752 करोड़
कुल खर्च: 58593 करोड़
संचित फंड में घाटा: 1841 करोड़
पब्लिक अकाउंट से पूरा किया जाने वाला घाटा: 1801 करोड़
अंतिम बकाया में से किया जाने वाला खर्च: 40 करोड़
राज्य में कहां से आता है रुपया
राजस्व आय : 44894 करोड़
केंद्रीय करों में हिस्सा : 5401 करोड़
केंद्रीय ग्रांटें : 8230 करोड़
राज्य की अपनी टैक्स आय : 28480 करोड़
राज्य की अपनी गैर टैक्स आय : 2783 करोड़
सार्वजनिक कर : 11648 करोड़
कर वसूली : 210 करोड़
सार्वजनिक कर : 1801 करोड़
कुल प्राप्तियां : 56752 करोड़
राज्य पर होने वाला खर्च एक नजर में
वेतन एवं भत्ते: 16372 करोड़
पेंशन एवं अन्य रिटायरमेंट लाभ: 6886
ब्याज अदायगियां: 8380 करोड़
बिजली सब्सिडी: 5300 करोड़
अन्य: 12208 करोड़
सार्वजनिक कर अदायगियां: 3116 करोड़
कर एवं पेशगियां: 264 करोड़
पूंजीगत खर्च: 6067 करोड़
कुल खर्च: 58593 करोड़
रुपया ऐसे आएगा और जाएगा
राज्य की अपनी टैक्स आय: 48.64 फीसदी
राज्य की अपनी गैर टैक्स आय: 4.75 फीसदी
केंद्रीय करों में हिस्सा: 9.22 फीसदी
केंद्रीय ग्रांटें: 11.06 फीसदी
सरकारी ऋण के अलावा उपाय व साधन कर्जे: 19.89 फीसदी
लोक लेखा: 3.08 फीसदी
कर्ज वसूलियां: 0.36 फीसदी
रुपया ऐसे जाएगा
वेतन एवं भत्ते: 33.71 फीसदी
पेंशन एवं अन्य रिटायरमेंट लाभ: 11.75 फीसदी
ब्याज अदायगियां: 14.30 फीसदी
बिजली सब्सिडी: 9.05 फीसदी
अन्य राजस्व खर्चे: 15.07 फीसदी
पूंजीगत खर्च: 10.35 फीसदी
सरकारी ऋण के अलावा उपाय व साधन कर्जे: 5.32 फीसदी
लोन एडवांस: 0.45 फीसदी