श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से बुधवार को एक हुकमनामा जारी कर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के गठन में विशेष भूमिका निभाने वाले हरियाणा के तीन सिख नेताओं हरियाणा के कृषि मंत्री हर मोहिंदर सिंह चट्ठा, जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी को सिख पंथ से निष्कासित कर दिया गया। तीनों नेताओं को कौम की रोटी बेटी की सांझ से भी वंचित कर दिया गया है।
HSGPC के गठन में निभाई विशेष भूमिका
बैठक में विभिन्न पंथक जत्थेबंदियों, सभा सोसायटियों के प्रतिनिधियों की ओर से हरियाणा गुरुद्वारा प्रंबंधक कमेटी गठित किए जाने के खिलाफ सौंपे गए ज्ञापनों पर गहन विचार किया गया, और आखिर में तीनों नेताओं को पंथ से बाहर निकालने का फैसला हुआ।
श्री अकाल तख्त साहिब का हुकमनामा सुनाते हुए जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि हरियाणा के कथित सिख नेताओं दीदार सिंह नलवी, जगदीश सिंह झींडा और हरमोहिंदर सिंह चट्ठा ने सिख कौम विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हुए एसजीपीसी को तोड़ते हुए अलग से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन करने में विशेष भूमिका निभाई है। इससे सिख कौम की शक्ति भी कमजोर करने की साजिश की गई है।
पढ़िए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी हुकमनामा
तीनों नेताओ ने अलग से हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन करके सिख कौम की शक्ति को कमजोर किया है। इन नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के खिलाफ एचएसजीपीसी बनाने में विशेष भूमिका निभाई। बार-बार बुलाने के बावजूद भी ये नेता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुए।
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित सब कमेटी के समक्ष भी ये पेश नहीं हुए और सिख कौम को विभाजित करने में विशेष भूमिका निभाई। सभी प्रस्तावों और ज्ञापनों पर विचार करते हुए सामने आया कि इन नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों को चुनौती देते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन में विशेष भूमिका निभाई है।
इसलिए इन को पंथ से बाहर निकाला जाता है। जब तक तीनों आरोपी श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी नहीं मांगते और परंपरा के अनुसार तनख्वाह नही लगवाते तब तक पंथ से बाहर रहेंगे और सिख कौम का कोई भी व्यक्ति इनके साथ रोटी- बेटी की सांझ नहीं रखेगा।