कई मरीजों में चिकनगुनिया के पूरे लक्षण हैं। सुबह के वक्त ज्वाइंट में जबरदस्त दर्द, तेज बुखार और लाल आंखे। टेस्ट रिपोर्ट आई तो चिकनगुनिया निगेटिव। इस बार ऐसे कई मरीज देखने को मिले हैं, जिनमें लक्षण तो चिकनगुनिया के थे, लेकिन बाद में उनमें वायरल बुखार निकाला।
माइक्रोबायोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ कहते हैं कि यह नया वायरस हो सकता है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि कई लोगों में वायरस बाद में रिस्पांस करता है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी यदि उनमें जोड़ों में दर्द और बुखार की शिकायत है तो ऐसे मरीजों को दोबारा डॉक्टरों को दिखाकर टेस्ट करवाना होगा। कुछ मरीजों के दोबारा टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में मरीजों को बुखार के लक्षणों पर ध्यान रखना है और डॉक्टरी सलाह लेनी है।
पहली बार चिकनगुनिया के 133 मरीज
ऐसा पहली बार है जब चंडीगढ़ में चिकनगुनिया के 133 मरीज सामने आए हैं। इससे पहले साल 2011 में एक मामला आया था। उसके बाद चिकनगुनिया का एक भी मरीज चंडीगढ़ में रिपोर्ट नहीं हुआ था। सोमवार को चिकनगुनिया के आठ नए मरीजों की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगली बार चिकनगुनिया और ज्यादा मामले आ सकते हैं। ऐसे में मलेरिया विंग को अगले साल मई जून में ही इसके खिलाफ अभियान चलाना होगा।