अमृतसर स्टेशन पर पहुंची ट्रेन।
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किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मालगाड़ी चलने देंगे लेकिन पैसेंजर ट्रेनें नहीं। मंगलवार को भी यही किया गया। जब तक केंद्रीय कृषि कानून रद्द नहीं किया जाता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, रेल डिवीजन फिरोजपुर के एडीआरएम वीपी सिंह ने कहा कि ऐसी स्थिति में मालगाड़ियां भी चलाना मुश्किल है।
ब्यास-तरनतारन सेक्शन सिंगल लाइन, काफी समय हुआ बर्बाद : अग्रवाल
रेल डिवीजन फिरोजपुर के मंडल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने कहा कि ट्रेनों का रूट बदलकर अमृतसर पहुंचाया गया। ऐसा करने में काफी समय व्यर्थ हुआ है, क्योंकि ब्यास-तरनतारन-भगतांवाला सेक्शन सिंगल लाइन है। इस सेक्शन पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चल पाती हैं। इस सेक्शन से सभी ट्रेनों का संचालन कर पाना संभव नहीं है। इसीलिए रेल प्रशासन ने सिर्फ तीन जोड़ी मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।
डीआरएम ने कहा कि ट्रेन संख्या 02903/02904 (गोल्डन टेंपल मेल), ट्रेन संख्या 04649/04650 (सरयू-यमुना एक्सप्रेस), ट्रेन संख्या 04673/04674 (शहीद एक्सप्रेस) 25 नवंबर से अमृतसर से चलाई जाएंगी। इसके अलावा ट्रेन संख्या 02716 (सचखंड एक्सप्रेस), ट्रेन संख्या 02926 (पश्चिम एक्सप्रेस), ट्रेन संख्या 09026 (अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस), ट्रेन संख्या 02054 (अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी), ट्रेन संख्या 05212 (अमृतसर-सहरसा जनसेवा), ट्रेन संख्या 02030 (अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी) जो अपने निर्धारित समय से चलने के लिए घोषित हो चुकी थी, जंडियाला मेन लाइन खुलने तक स्थगित रहेगी। इसके अतिरिक्त मंडल में अन्य गाड़ियां जिनकी घोषणा की गई हैं, वे अपने निर्धारित समय एवं मार्ग के अनुरूप चलेंगी।
यात्री बोले- किसान लोगों को परेशान न करें
यात्रियों ने कहा कि वे किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ है। वे ट्रेनें रोककर लोगों को परेशान न करें। किसान दिल्ली जाकर संघर्ष करें। किसानों के इस प्रदर्शन से पंजाब को ही करोड़ों का नुकसान हुआ है। मुंबई से आए एक सात सदस्यीय सिंधी परिवार ने कहा कि वे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन के लिए आए हैं। गाड़ी चार घंटे लेट हो गई। इससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान अपने प्रदर्शन का ढंग बदले।