पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। बुधवार को किसान-मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों ने अमृतसर स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में बसों पर काले झंडे और पोस्टर लगा दिए। किसान-मजदूर संघर्ष समिति पूरे पंजाब में कृषि कानूनों का विरोध कर रही है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि पंजाब में इस साल किसान काली दिवाली मनाएंगे।
ट्रैक से धरना खत्म करने का फैसला 20 नवंबर की बैठक में होगा : पंधेर
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी रेल रोको आंदोलन खत्म करने के बारे में 20 नवंबर को फैसला किया जाएगा। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी की कोर कमेटी की बैठक 20 नवंबर को आयोजित की जा रही है, इसमें कमेटी के सभी पदाधिकारी व सदस्य शामिल होंगे। इस बैठक में रेलवे ट्रैक से धरना-प्रदर्शन खत्म करने पर विचार किया जाएगा।
गुरदासपुर में किसानों का धरना जारी
कृषि कानून के विरोध में किसानों के रेल रोको संघर्ष को डेढ़ माह हो चला है। काहनूवान क्षेत्र के माझा किसान संघर्ष कमेटी के नेता बलविंदर सिंह राजू व बाबा कश्मीर सिंह तुगलवाल ने कहा कि लंबे समय से किसान संगठन केंद्र के काले कानूनों के विरोध में घरों से निकले हुए हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने काला कानून वापस नहीं लिया है।
केंद्र सरकार किसान व श्रमिक वर्ग को गुमराह कर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अब जब किसान रेल पटरियों व प्लेटफार्म खाली कर चुके हैं तो भी केंद्र सरकार पंजाब में मालगाड़ियां भेजने को तैयार नहीं है। यात्री गाड़ियों को चलाने की आड़ में केंद्र सरकार मालगाड़ियों को रोककर किसानों पर मानसिक दबाव डाल रही है। बलबीर सिंह रंधावा, मक्खन सिंह कोहाड़, गुरप्रीत सिंह, हरदीप सिंह, गुलजार सिंह, हरचरण सिंह, सुखदेव सिंह, बलबीर सिंह कत्तोवाल, संतोख सिंह, रघबीर सिंह, दलबीर सिंह मौजूद रहे।