उन्होंने कहा कि शुक्रवार को प्रशासन ने पूछा था कि कोई और विकल्प है, हमने मना कर दिया। धरने से स्थानीय लोगों को आ रही दिक्कत पर किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन ग्रोवर का निवास कहीं और शिफ्ट करा दे, हम धरना वहां ले जाएंगे।
बार-बार बयान बदल रहे हैं पूर्व मंत्री
डॉ. बल्हारा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ग्रोवर बार-बार बयान बदल रहे हैं। घटना के बाद किसानों ने विधायक विनोद भ्याना का घेराव किया, उन्होंने माफी मांग ली। ग्रोवर ने भी वीडियो जारी कर खेद जताया। धरने के पहले दिन वीडियो जारी कर माफी मांगी। प्रशासन की पहल पर उनका बेटा यहां आकर माफी मांगने को तैयार था, पर हमने मना कर दिया।
अगले दिन बयान जारी कर कहा कि मैंने कुछ किया ही नहीं तो मैं माफी क्यों मांगू। फिर वीडियो आया कि सुबूत और चश्मदीद गवाह दो। ग्रोवर ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वह भ्याना की गाड़ी में थे। जबकि, भ्याना पहले ही कह चुके हैं कि वह ग्रोवर की गाड़ी से उतरे थे।
और टेंट लगे, रोज बढ़ेगी संख्या
शुक्रवार देर शाम धरना स्थल पर कुछ और टेंट लगा दिए गए। क्योंकि तेज धूप के कारण प्रदर्शनकारियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। डॉ. अजय बल्हारा ने कहा कि गुरुवार को धरने में करीब ढाई हजार लोग थे, जो शुक्रवार को लगभग पांच हजार हो गए। शनिवार को 10 हजार का लक्ष्य है। धरने में लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ेगी। सुनारिया गांव के किसान वहां खीर तैयार कर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों को खीर खिलाई। जबकि, डॉ. राम प्रकाश ने धरने पर चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की।