पंजाब के किसान संगठन दोबारा दिल्ली कूच करेंगे। इसे सफल बनाने के लिए पंजाब में किसान नेताओं ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने अभियान के लिए 700 गांवों के बाद अब शहर की तरफ रुख कर दिया है। गुरुवार को यूनियन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 48 शहरी ब्लॉक और दो जिलों के सात गांवों में 'शहीद' किसानों को श्रद्धांजलि देकर कूच के लिए जनसमर्थन जुटाया।
भाकियू एकता (उगराहां) द्वारा शुरू किए गए जनसंपर्क के तहत गुरुवार को पांचवें दिन 13 जिलों के 48 शहरी ब्लॉकों और दो जिलों के सात गांवों में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 'शहीद' किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान यूनियन ने सरकार के झूठे प्रचार और अपने अधिकारों के बारे में छपे पर्चे घर-घर वितरित किए।
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यूनियन महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने दावा किया कि भीषण ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धांजलि सभाओं में दो मिनट के लिए दो लाख से अधिक लोग जमा हुए। उन्होंने शहीदों के बलिदानों को लेकर संकल्प लिया कि वह पूरी जीत तक संघर्ष जारी रखेंगे। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रकट किए।
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मुख्य वक्ताओं में दिल्ली मोर्चा अभियान समिति के सदस्य जगतार सिंह कालाजार, सरोज दयालपुरा, चामकौर सिंह नैनवाल, जसविंदर सिंह बारास, सुखजीत सिंह कोठागुरु, सुनील कुमार भोदीपुर के अलावा कुलदीप कौर कुसा, राम सिंह भनीबाग शामिल थे। इस अवसर पर बलवंत सिंह घुदानी, गुरमीत सिंह किशनपुरा, लखविंदर सिंह मंझिवाली, भाग सिंह मरखई, जसवीर सिंह गांधीविंद, मोहन सिंह नकोदर और जसपाल सिंह धनगाई आदि किसान नेता उपस्थित रहे।