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ग्राउंड रिपोर्ट: जोश बरकरार, लड़ाई जीतकर ही लौटेंगे; शंभू-खनौरी बॉर्डर पर किसान बोले- बेकार न जाने देंगे शहादत

Sun, 25 Feb 2024 10:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, राजपुरा

सार

शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि युवा किसान शुभकरण की शहादत बेकार नहीं जाएगी। यह लड़ाई जब-तक जीत नहीं जाते तब तक जारी रहेगी। किसानों में जोश बरकरार है।
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Kisan Andolan News - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शंभू और खनौरी बॉर्डर शनिवार देर शाम किसानों के नारों से गूंज उठे। आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को नमन करते हुए कैंडल मार्च निकाला गया। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि युवा किसान शुभकरण की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे। 
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यह लड़ाई शुरू हुई है, जब-तक जीत नहीं जाते तब तक जारी रहेगी। किसानों में जोश बरकरार है। इस दौरान काफी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पर मौजूद रहे। उन्होंने शुभकरण सिंह के लिए इंसाफ की मांग की और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शंभू बॉर्डर पर किसानों को नमन करते हुए निकाले गए कैंडल मार्च के मौके पर पंधेर ने लोगों से इस आंदोलन में अपना सहयोग देने की अपील की। 21 फरवरी को हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने किसानों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले फेंके थे। 
 

वहीं, रबड़ की गोलियां भी चलाईं थीं। किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन का भी प्रयोग किया गया। इस टकराव में खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के युवा किसान शुभकरण की मौत हो गई थी। 100 से ज्यादा किसान घायल हुए थे। 


 

इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने मृतक किसान शुभकरण की मौत पर परिवार की आर्थिक तौर पर एक करोड़ रुपये की मदद करने का एलान किया था और साथ ही एफआईआर दर्ज कर जांच करने की बात कही थी। सीएम ने यह भी कहा था कि जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर मनजीत सिंह घुमाणा, तलविंद्र सिंह मोही, जसबीर सिंह जस्सी अमरीक सिंह, उजागर सिंह धमौली, मान सिंह आदि के अलावा हजारों किसान मौजूद रहे।

किसान आंदोलन में जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, किसान की मौत
जीरा से शंभू बॉर्डर किसान आंदोलन में जा रही किसानों की ट्रैक्टर-ट्राली बसंतपुरा (राजपुरा) के पास सड़क सड़क किनारे पलट गई, इस हादसे में जीरा के गांव मंसूर देवा के रहने वाले 33 वर्षीय युवा किसान गुरजंट सिंह की मौत हो गई। ट्रक की फेट लगने से ट्रैक्टर-ट्राली पलटी है। यह हादसा शनिवार सुबह पांच बजे के करीब हुआ है। गुरजंट सिंह बीकेयू सिद्धपुर से संबंधित हैं। 
 

सरकार के खिलाफ किसानों ने फूंके पुतले
केंद्र सरकार के खिलाफ शनिवार भी अमृतसर में किसानों का रोष प्रदर्शन जारी रहा। किसान संघर्ष कमेटी कोट बुढ्ढा ग्रुप की ओर से स्थानीय गोल्डन गेट के पास रोष प्रदर्शन करते हुए केंद्र की भाजपा व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पुतले फूंके गए। किसान संघर्ष कमेटी के नेता सोनू माहल ने कहा कि किसान हरियाणा और केंद्र सरकार की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसानों को सरकारें शांतिमय ढंग से अपनी आवाज भी बुलंद करने की इजाजत नहीं दे रही है। 

आंदालन में घुसे हरियाणा सीआईडी के 200 लोग : पधेर
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि 28 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की ओर से साझी बैठक करके इसके अगले दिन 29 फरवरी को आगे की रणनीति का एलान कर दिया जाएगा। मीडिया से बात करते पंधेर ने इस मौके पर आरोप लगाया कि हरियाणा सीआईडी के करीब 200 लोग किसानी आंदोलन में घुस गए हैं। ये लोग किसान नेताओं को अपना निशाना बना सकते हैं।

इसके तहत या तो किसान नेताओं का एक्सीडेंट कराया जा सकता है या फिर लड़ाई-झगड़ा करके उन पर हमला भी हो सकता है। पंधेर ने एक बार फिर केंद्र से एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत किसानों की बाकी जायज मांगें पूरी करने की अपील की। पंधेर ने कहा कि खेती सेक्टर को डब्ल्यूटीओ की नीतियां किस तरह से प्रभावित करती हैं, इस पर रविवार को माहिरों को बुलाकर विचार-चर्चा की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ नहीं मिला, इसलिए चुना आंदोलन का रास्ता: डल्लेवाल
अस्पताल में भर्ती संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने शनिवार को पत्रकारों से बात की। उनसे जब अदालत का सहारा लेने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अदालतें हमारे लिए सत्कार योग्य हैं। हमने अदालतों में जाकर देखा है, लेकिन स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट 2006 से सरकार के पास है।

आज तक किसी ने इसे लागू नहीं किया। रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए सतनाम सिंह बैहरू जी सुप्रीम कोर्ट गए, वहां जब हार गए तो अकेले बैठे रो रहे थे। हमारा आखिरी सहारा जो था, वहां से हमें इंसाफ नहीं मिला। कब मिलेगा यह तो नहीं कह सकते, लेकिन आंदोलन से ही हमें इंसाफ मिलेगा, इसलिए कर रहे हैं।
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पंजाब सरकार की भूमिका पर उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर वह हथियार चलाए जा रहे हैं, जो दुश्मनों पर चलाए जाते हैं। हमने मीटिंग में ये हथियार दिखाए और मीटिंग में मौजूद मंत्री को उक्त हथियार इस्तेमाल करना बंद करने के लिए मुख्यमंत्री को कहा, लेकिन उन्होंने केंद्रीय मंत्री को नहीं कहा।
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