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Alliance: चंडीगढ़-हरियाणा में आप-कांग्रेस की जफ्फी, पंजाब में एक दूसरे से लड़ेंगे; खटाई में BJP-शिअद का गठबंधन

Sun, 25 Feb 2024 10:04 AM IST
शाहरुख खान सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर

सार

चंडीगढ़-हरियाणा में आप-कांग्रेस मिलकर लड़ेंगे, लेकिन पंजाब में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगे। कांग्रेस को पंजाब में अपने कैडर के टूटने का डर है। वहीं, भाजपा और अकाली दल का गठबंधन भी खटाई में दिख रहा है।
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AAP-Congress alliance - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी और कांग्रेस बेशक पंजाब के पड़ोसी राज्यों में एकजुट होकर भाजपा को शिकस्त देने के लिए एकजुट हैं लेकिन पंजाब में दोनों पार्टी की राहें जुदा हैं। दोनों ही दलों ने कहा है कि हमने आपसी सहमति से अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
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पंजाब के लिए भाजपा व अकाली दल का गठबंधन खटास में पड़ चुकी है और जिस ढंग से किसानी आंदोेलन चल रहा है, अकाली दल के लिए भाजपा की किश्ती में सवार होना उलटा खतरनाक साबित हो सकता है। किसानों में भाजपा की मनोहर सरकार के प्रति खासा रोष है और अकाली दल का मुख्य वोट बैंक किसान व ग्रामीण इलाके ही हैं। 

लिहाजा कांग्रेस व आप के लिए अब अकाली दल व भाजपा दोनों ही खतरा नहीं हैं। दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि हम जुदा होकर लड़ेंगे तब भी उतनी-उतनी सीट ही आएंगी जितनी गठबंधन के बाद। राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पंजाब में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 
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वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा का कहना है कि कांग्रेस पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी। हमारा 2014 व 2019 में लोकसभा चुनाव का नतीजा बेहतरीन रहा है और इस बार भी नतीजे शानदान होंगे।
 

दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनावों में पंजाब में मुख्य मुकाबला आप व व कांग्रेस के बीच ही था। आप के चार उम्मीदवार जीत गए थे, जिसमें हरिंदर सिंह खालसा, धर्मवीर गांधी, प्रो. साधू सिंह व खुद भगवंत मान थे। 

 

प्रो. साधू सिंह को 450751 मत मिले थे जबकि पटियाला सीट से मुख्य मुकाबला आप के उम्मीदवार डॉ. धर्मबीर गांधी और कांग्रेस उम्मीदवार परनीत कौर के बीच हुआ। गांधी ने परनीत कौर को 20924 वोट से पराजित किया। आप के फतेहगढ़ साहब से हरिंदर सिंह खालसा को 367293 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के साधू सिंह को 313149 मत मिले थे।

फरीदकोट सीट (एससी सीट) से मुख्य मुकाबला आप नेता प्रोफेसर साधू सिंह और शिअद की नेता परमजीत कौर गुलशन के बीच हुआ। इसमें उम्मीदवार प्रोफेसर साधु सिंह ने गुलशन को 172516 वोट से पराजित किया। जबकि चौथी सीट पर संगरूर में भगवंत मान (आप) ने 533237 मत हासिल किए जबकि सुखदेव सिंह ढींडसा (शिअद) को 321516 मत मिले थे। 

 

इसके अलावा कांग्रेस ने 2014 में कैप्टन अमरिंदर सिंह (कांग्रेस) ने 482876 मत हासिल कर जीत हासिल की थी। रवनीत बिट्टू ने लुधियाना में 300225 मत हासिल कर आप के उम्मीदवार एचएस फूलका को हराया था। जालंधर से संतोख सिंह चौधरी (कांग्रेस) ने 380467 मत लेकर अकाली दल भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार पवन कुमार टीनू (भाजपा) को शिकस्त दी थी। 

2014 में भाजपा ने दो, कांग्रेस ने तीन, अकाली दल ने चार व आप ने चार सीट जीती थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का वोट शेयर 33.10 फीसदी और शिअद का 26.30 आप और भाजपा का वोट शेयर क्रमश: 24.40 और 8.70 प्रतिशत रहा।

2019 में काफी तस्वीर बदल गई। आप ने महज एक सीट संगरूर की जीती जबकि अकाली दल ने दो, भाजपा ने दो व 8 सीट कांग्रेस की झोली में गई थी। कांग्रेस का वोट प्रतिशत 40.12, शिअद-भाजपा 37.18 फीसदी व आप 7.38 फीसदी वोट पर आ गया। 

 

कांग्रेस के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने 2014 व 2019 में मोदी लहर होने के बावजूद पंजाब में क्रमश: 33.10 व 40.12 फीसदी वोट हासिल किया है। कांग्रेस का नेटवर्क जमीनी स्तर पर मौजूद है और अगर आप व कांग्रेस एकजुट होते हैं तो पार्टी का प्रदेश के आधे हिस्से में जमीनी नेटवर्क खत्म हो जाएगा, पार्टी का कैडर काफी मजबूत है।
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2022 के चुनाव विधानसभा चुनावों में आप को 42.01 वोट हासिल मिले थे जबकि कांग्रेस को 22.98 फीसदी। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा का कहना है कि विधानसभा व लोकसभा चुनावों का गणित पंजाब का अलग-अलग होता है, लेकिन अब सूबे में सत्ता विरोधी लहर भी है।
 
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