शंभू बॉर्डर के नजदीक लगी ट्रैक्टरों की कतार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर परेड में शामिल होने सोमवार को शंभू बॉर्डर से हजारों किसान झंडों से सजे वाहन संग दिल्ली रवाना हुए। नाभा के गांव बागड़िया के किसान जगदीप सिंह, लुधियाना के गांव मोही के गुरप्रीत सिंह, खन्ना के बलजीत सिंह ने कहा कि हर गांव से 10 से 25 ट्रैक्टर-ट्राली दिल्ली जा रही हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हैं।
किसानों ने कहा कि वह अपने साथ खाने-पीने का सामान, रहने-सोने के लिए कंबल व चादरें, गैस सिलिंडर, दवाएं और अन्य सामान साथ लेकर चल रहे हैं। जहां पर भी उन्हें रोका जाएगा, वहीं पर ही वह डेरा डाल देंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में युवा बाइकों पर झंडे बांधकर दिल्ली जा रहे हैं।
शंभू बॉर्डर से पहले लगाया लंगर
एसजीपीसी की तरफ से गांव मदनपुर चलहेड़ी मेन रोड पर लंगर का आयोजन किया गया। लंगर प्रमुख दलजीत सिंह फतेहगढ़ साहिब ने बताया कि 25 दिन से लंगर लगाया गया है, जो 24 घंटे चलता रहता है। तीन दिनों से करीब 10 हजार संगत रोजाना लंगर ग्रहण कर रही है। दूर दराज से आने वाले किसानों के लिए रहने और आराम करने का प्रबंध भी किया गया है।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध
दिल्ली की तरफ पंजाब भर से हजारों की संख्या में जा रहे ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को देखते हुए पंजाब-हरियाणा सीमा पर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। परेड में जा रहे लोगों से शांति और संयम बरतने की अपील की जा रही है। दिल्ली की तरफ जा रहे किसी भी वाहन चालक को बेवजह नहीं रोका जा रहा है।