टिकैत ने कहा कि भाजपा गलतफहमी में है कि यह उसकी सरकार है। वोट मांगते समय कहा कि अबकी बार, मोदी सरकार। लेकिन भाजपा यह नहीं समझ रही है कि यह उनकी नहीं मोदी सरकार है। उन्होंने कब्जा कर लिया है, इनके बड़े नेताओं को घर बिठा रखा है, जिन्होंने पार्टी बनाई वह घरों में कैद हैं, कोई बयान भी नहीं देता।
इन्होंने पूरे देश और सिस्टम पर कब्जा कर लिया है, अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। आधा देश बिक चुका है, आधा तीन साल में बिक जाएगा। देश की जनता को अब खड़ा होना चाहिए। यूपी के जिला परिषद चुनाव में नंगा नाच हुआ। अब जो कहीं से भी जीता हो, उसे भाजपा में शामिल करवा रहे हैं।
नहीं बचेंगे पशु
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ऐसे कानून ला रही है कि कुछ साल बाद पशु बचेंगे ही नहीं। दो पशु रखने पर बिजली का कॉमर्शियल कनेक्शन लेना होगा। बड़ी साजिश रची जा रही है। बाहर की इंडस्ट्री आएगी तो सस्ती लेबर गांव की चाहिए। उसके लिए फसलों की खरीद बंद करेंगे, लोग मजबूरी में शहर जाएंगे। जमीन कीटनाशक डाल कर बर्बाद कर देंगे, खाने के सामान विदेश से आएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई मसले हैं। लोगों को चाहिए कि जब ये वोट मांगने आएं तो उनसे यह जरूर पूछें कि जब हमारे अपने कोरोना से मर रहे थे, तब तुम कहां थे।
भैंस मेरी जोहड़ में जाएगी
मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बात करने को तैयार ही नहीं है तो किससे बात करें। अगर किसी पार्टी की सरकार हो तो बात करे भी। ये कहते हैं कि कृषि कानून वापस नहीं लेंगे पर बात करने को तैयार हैं। इनका यह हाल है कि भैंस मेरी जोहड़ में जाएगी, पंचायत का फैसला सिर-माथे। इनकी सरकार कंपनी चला रही है, इसलिए बात नहीं करेंगे।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आंदोलन कृषि कानूनों के लिए चल रहा है। सरकार मान नहीं रही पर अगर वह कहीं चुनाव लड़ेगी तो हलवा तो खिलाएंगे नहीं, अपनी बात तो रखेंगे। जनता इनके इंतजार में बैठी है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल की कीमतों के खिलाफ एक दिन देशव्यापी प्रदर्शन होगा।