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कोरोना में बढ़ी स्वास्थ्य की चिंता: चंडीगढ़ में डेढ़ साल में खड़े हुए 11 हेल्थकेयर स्टार्टअप

Sun, 04 Jul 2021 08:07 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में तेजी से स्टार्टअप का माहौल बन रहा है। शहर में इस समय 184 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। वहीं 49 को मंजूरी का इंतजार है। इनमें से ज्यादातर स्टार्टअप आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन और फूड से जुड़े हैं। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना महामारी ने लोगों में स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दी हैं। शहर के युवा उद्यमियों ने इसे अवसर के रूप में देखा और पिछले डेढ़ साल में 11 हेल्थकेयर स्टार्टअप खड़े कर दिए। इनके अलावा 49 अन्य हेल्थकेयर स्टार्टअप उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग (डीपीआई-आईटी) से मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

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डीपीआई-आईटी के अधीन आने वाले स्टार्टअप इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में करीब 20 फीसदी स्टार्टअप बढ़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, फूड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, व्यावसायिक सहायता सेवाएं, आईटी परामर्श व अन्य क्षेत्र से संबंधित हैं। शहर में बड़े उद्योग भले पलायन कर रहे हैं लेकिन युवा उद्यमी चंडीगढ़ की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2018 में स्टार्टअप इंडिया के शुरू होने के बाद शहर में वर्तमान में कुल 184 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। अहम बात यह है कि 35 से 45 प्रतिशत स्टार्टअप ऐसे हैं, जिनके नेतृत्व टीम में एक महिला उद्यमी हैं। 

डीपीआई-आईटी के मुताबिक किसी भी शहर में स्टार्टअप के चार चरण होते हैं। इसमें विचार स्थिति, मान्यकरण, प्रारंभिक कर्षण और स्केलिंग है। चंडीगढ़ में अलग-अलग चरणों में कुल 753 स्टार्टअप हैं। हालांकि इनमें से करीब 500 स्टार्टअप को अभी डीपीआई-आईटी से मान्यता नहीं मिली है और वह अभी विचाराधीन हैं। बाकी कुछ स्टार्टअप अन्य चरण में हैं और 184 स्टार्टअप काम कर रहे हैं।

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चंडीगढ़ के लिए प्रशासन बना रहा है स्टार्टअप पॉलिसी

चंडीगढ़ में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए यूटी प्रशासन अन्य राज्यों की तरह एक ‘स्टार्टअप पॉलिसी’ बना रहा है। इसमें महिलाओं को ध्यान में रखते हुए एक उद्यमिता केंद्र (ईसीडब्ल्यू) बनाया जाएगा। यहां उद्यमियों को मेंटरशिप, क्षमता निर्माण अभ्यास आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। 

एकल व्यक्ति वाली कंपनियों को ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन यूटी पंजीकृत स्टार्टअप को 10 लाख तक का कॉलेटरल फ्री लोन प्रदान करेगा। यह रकम पहले एक वर्ष के लिए ब्याज मुक्त होगी, जिसके बाद के ब्याज दर को अभी तक तय नहीं किया गया है। एक खास पैनल भी बनाया जाएगा, जिसमें बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, फंडिंग स्ट्रेटजी, कंपनी रजिस्ट्रेशन, अकाउंटिंग और टैक्सटेशन, लीगल और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषय में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को पैनल में शामिल किया जाएगा।

विद्यार्थियों को इंसेंटिव दिया जाएगा और उद्यमियों के लिए को-वर्किंग स्पेस सेंटर भी खोलने की योजना है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के स्टार्टअप इंडिया सीट फंड योजना के तहत कई अन्य फायदे भी चंडीगढ़ के उद्यमियों को मिलेगा। इसमें महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।

वर्तमान बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा ताकि अकेला व्यक्ति भी खोल सके कंपनी
  • एकल व्यक्ति वाली कंपनियों (ओपीसी) के गठन को प्रोत्साहन दे रही है सरकार
  • ओपीसी को पेडअप कैपिटल और टर्नओवर पर बिना पाबंदी के बढ़ोतरी करने की छूट
  • स्टार्टअप्स के लिए एक साल तक के टैक्स हॉलिडे का एलान
  • स्टार्टअप्स को 31 मार्च, 2022 तक कोई भी टैक्स नहीं देना होगा
  • कैपिटल गेन्स की छूट को भी एक और साल के लिए बढ़ाया गया
  • स्टार्टअप के लिए 830 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान
  • प्रधानमंत्री ने नए स्टार्टअप को शुरू और विकसित करने में मदद करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के फंड का एलान किया है
चंडीगढ़ में स्टार्टअप की स्थिति
  • चरण 1 -  विचार स्थिति (अभी विचार चल रहा है)                     -    282  
  • चरण 2 -  मान्यकरण (डीपीआई-आईटी से मान्यता की प्रक्रिया)  -    213
  • चरण 3 -  प्रारंभिक कर्षण (जो स्टार्टअप चल रहे हैं)                   -    184    
  • चरण 4 -  स्केलिंग (स्टार्टअप जो आगे बढ़ रहे हैं)                      -    74
  • कुल                                                                                  -     753

शहर में ये हैं स्टार्टअप (प्रारंभिक कर्षण)
  • आईटी सर्विस - 23
  • हेल्थकेयर - 21
  • शिक्षा - 13
  • रिटेल - 10
  • मार्केटिंग - 9
  • मीडिया व एंटरटेनमेंट - 6
  • आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस - 5
  • ट्रेवल एवं टूरिज्म - 8
  • अन्य - 89
स्टार्टअप ने रोजगार सृजन में दिया महत्वपूर्ण योगदान
स्टार्टअप इंडिया पहल के शुभारंभ के बाद से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप अब सभी जिलों में फैल गए हैं। चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत में स्टार्टअप संस्कृति में जबरदस्त वृद्धि देखी है। सरकार स्टार्टअप इंडिया नीति का समर्थन कर रही है। उद्यमियों के पास कई कानूनों, विनियमों, वित्तीय और ढांचागत समर्थन का लाभ उठाने के विकल्प हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में वृद्धि हुई है। स्टार्टअप ने रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूटी प्रशासन को कुछ स्टार्टअप नीतियां भी बनानी चाहिए। -ऋषभ शर्मा, स्टार्टअप सलाहकार (मोन्क्स इंटरएक्टिव)

स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसका चंडीगढ़ में पालन किया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर हम युवा उद्यमियों को क्या-क्या सहूलियत दे सकते हैं, इस पर भी विचार चल रहा है। यूटी प्रशासन चंडीगढ़ को एक स्टार्टअप फ्रेंडली शहर बनाने की कोशिश में जुटा है। - जगजीत सिंह, निदेशक, उद्योग विभाग (चंडीगढ़)
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