आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और कार्यकर्ता किसान आंदोलन में शामिल हुए। वे पार्टी के झंडे और बैनर के बिना दिल्ली पहुंचे। पंजाब के आम आदमी पार्टी के आठ विधायकों ने किसानों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के गृह के समक्ष प्रदर्शन किया गया। वहां दिल्ली पुलिस ने आप विधायकों को गिरफ्तार कर थाने में बंद कर दिया।
आप विधायकों ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस की ओर से किए जा रहे अत्याचार से नहीं डरेंगे और लोगों के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे। विपक्ष के उपनेता सरबजीत कौर माणूंके और यूथ विंग के सह-प्रधान गगन अनमोल मान ने कहा कि पंजाब और देशभर के किसानों की एकता जहां केंद्र सरकार का अहंकार तोड़ेगी, वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री के किसान विरोध मंसूबों पर पानी फिरेगी। किसान आंदोलन में शामिल विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम ने सोनीपत से कहा कि मोदी सरकार किसानों की मांगें मानने के बजाय अत्याचार कर आंदोलन को कुचलना चाहती है।
सुखदेव ढींढसा लिखा पत्र
शांतिमय आंदोलन कर रहे किसानों पर केंद्र और हरियाणा सरकार की बर्बरतापूर्वक कार्रवाई के विरुद्ध शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान और राजसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने और कार्रवाई करने की मांग की है। ढींढसा ने पत्र में लिखा कि किसान शांतिमय विरोध प्रदर्शन करने के लिए 26-27 नवंबर को दिल्ली की तरफ जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने किसानों पर बर्बरतापूर्वक कार्रवाई की गई है।
परनीत कौर ने प्रधानमंत्री को किसानों की चिंताएं दूर करने को कहा
पटियाला की सांसद परनीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय राजधानी के आसपास कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की चिंताओं का जल्द हल करें। परनीत कौर ने हरियाणा सरकार की तरफ से शांतिमय विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे किसानों पर शक्ति प्रयोग करने की भी निंदा की।