विशेषज्ञों की राय जानी जाती है और तब जाकर विधेयक में आवश्यक सुधार के बाद उसे सर्वसम्मति से पारित किया जाता है। सरकार इन तीन कृषि कानूनों को अब तक के सबसे बड़े कृषि सुधार के तौर पर बता रही है तो फिर इन्हें अध्यादेश के जरिए क्यों लाया गया। कोरोना की आड़ में अध्यादेशों को क्यों जारी किया गया। इन विधेयकों की मांग किसने की थी। किसानों की मांगें बेहद सीधी हैं। एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कानूनी प्रावधान किए बिना किसी कानून का कोई मतलब नहीं।
सरकार से समर्थन वापस लेकर जजपा किसानों के पक्ष में खड़ी हो : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि कृषि विरोधी कानूनों को लेकर आज पूरे हरियाणा के किसान भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलनरत हैं। वह अपील करती हैं कि अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए जजपा (जननायक जनता पार्टी), निर्दलीय व भाजपा के किसान हितैषी विधायक सरकार का साथ छोड़कर इस निर्णायक लड़ाई में धरातल पर उतरकर किसानों का साथ दें। जिससे केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाया जा सके।
सैलजा ने कहा कि जजपा की तरफ से कृषि कानूनों को लेकर आया बयान सिर्फ दिखावटी है। चुनाव से पूर्व भाजपा के खिलाफ वोट मांगकर 10 सीटें अर्जित करने वाली जजपा ने पिछले वर्ष भाजपा को अपना समर्थन देकर प्रदेशवासियों के साथ विश्वासघात किया था। जजपा के पास आज एक मौका है कि वह इस सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर हरियाणावासियों के पक्ष में खड़ी हो और निर्णायक लड़ाई में किसानों का साथ दे।