यूनिवर्सिटी में हर साल 1500 से 2000 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। विश्वविद्यालय में पंजाब के विद्यार्थियों को दाखिले में 15 फीसदी आरक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही कुल संख्या के पांच प्रतिशत विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा देना जरूरी बनाया गया है। यूनिवर्सिटी यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के दिशा-निर्देश के अंतर्गत टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती कर सकेगी।
उच्च मानक की शिक्षा देगी एमिटी यूनिवर्सिटी
एमिटी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ व मोहाली हवाई अड्डे से केवल 10 मिनट की दूरी पर बनेगी। यह यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए उच्च मानक शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। यूनिवर्सिटी में उच्च स्तरीय अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग केंद्र के अलावा यूजीसी और पंजाब राज्य के दायरे के अंदर रोजगारोन्मुख ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी और पोस्ट पीएचडी के अलग-अलग प्रोग्राम तैयार करेगी।
मोहाली में होगी 10वीं यूनिवर्सिटी
मोहाली की यह 10वीं यूनिवर्सिटी होगी, जो नॉन-प्रोफिट एमिटी एजुकेशन ग्रुप की तरफ से स्थापित की जाएगी। यह भारत के अग्रणी ग्लोबल शिक्षा ग्रुपों में से एक है, जिसकी विश्व के 16 देशों में स्थापित नौ यूनिवर्सिटियां और 26 स्कूल कैपसों में 1,75,000 विद्यार्थी और 6000 फैकल्टी सदस्य हैं।
पंजाब में स्टार्ट-अप सिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य कैबिनेट ने बुधवार को पंजाब इनोवेशन (नवीनतम) मिशन और पंजाब इनोवेशन फंड की स्थापना को हरी झंडी दे दी। पंजाब नवीनतम मिशन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 150 करोड़ रुपये का एक पंजाब नवीनतम फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे पंजाब में मूलभूत चरण के स्टार्ट-अप में निवेश किया जा सके।
इस फंड में सरकारी हिस्सेदारी की अधिकतम सीमा कुल रकम का 10 प्रतिशत यानी 15 करोड़ रुपये तक निश्चित गई है। इस फंड की देखरेख एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा की जाएगी, जिसमें वैश्विक स्तर के निवेशक शामिल होंगे।
इस मिशन और फंड के पहले चेयरपर्सन क्लिक्स कैपिटल के चेयरमैन और जैनपैकेट के संस्थापक प्रमोद भसीन हैं। भसीन ने वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग के दौरान जानकारी दी कि वह बाकी 135 करोड़ रुपये की रकम पंजाबी व्यापारियों और निवेशकों के अलावा विदेश में बसे लोगों और सरकारी और निजी वित्तीय संस्थाओं से जुटाएंगे।
सरकारी प्रवक्ता ने कैबिनेट मीटिंग के बाद बताया कि पंजाब इनोवेशन मिशन राज्य में निवेशकों, उद्योग जगत, सरकारी, अकादमिक हलकों और स्टार्ट-अप के साथ हिस्सेदारी कर उद्यम समर्थक एक अलग माहौल सृजन करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पंजाब इनोवेशन मिशन के दो अहम स्तंभ पौलीनेटर (विदेश में बसे समुदाय तक पहुंच, चुनौतियां/हैकाथौन, इनक्यूबेटर ट्रेनिंग जिसमें सभी संबंधित पक्ष और इनक्यूबेटर एक दूसरे से जुड़ेंगे) और एक्सेलरेटर (स्टार्ट-अप संबंधी नेतृत्व और इनको गतिशील बनाना) होंगे। हालांकि, यह मिशन किसी एक क्षेत्र की तरफ समूचा ध्यान नहीं देगा फिर भी एग्रीटेक, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर, फार्मा, बायो टेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेस आईटी/आईटीईएस, गेमिंग और खेल, कला और मनोरंजन की तरफ खास ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सरकार की तरफ से पहले तीन वर्षों के लिए 10 करोड़ का चालू खर्चा मुहैया करवा कर पंजाब इनोवेशन मिशन और पंजाब इनोवेशन फंड का कामकाज चलाने में मदद की जाएगी। इस मिशन की स्थापना मोहाली में मंडी बोर्ड के कालकट भवन में की जाएगी। जहां दो मंजिलें (तकरीबन 12,000 स्कवेयर फीट) कम से-कम 15 वर्षों के लिए पट्टे पर मुहैया करवाए जाएंगे।
आहलूवालिया कमेटी ने की थी सिफारिश
‘पंजाब इनोवेशन मिशन और पंजाब इनोवेशन फंड’ भारतीय योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरपर्सन मोंटेक सिंह आहलूवालिया की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञों के समूह की अहम सिफारिशों में से एक था। इस समूह का गठन कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पंजाब के लिए कोविड के बाद की मध्यम और दीर्घकालीन आर्थिक योजनाबंदी के लिए किया गया था। इसका मकसद पंजाब की अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्टार्ट-अप प्रणाली द्वारा नई जान डालना है।