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शंभू बाॅर्डर पर किसान महापंचायत: पहलवान विनेश फोगाट सम्मानित, कहा-मैं अपने परिवार के बीच आई हूं, इनकी सुनिए

Sat, 31 Aug 2024 12:22 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

अपनी मांगों को लेकर पंजाब के किसान 13 फरवरी को दिल्ली कूच के लिए निकले थे। शंभू बाॅर्डर पर हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोक लिया था जिसके बाद से किसानों ने बाॅर्डर पर ही पक्का मोर्चा लगा लिया था।
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विनेश फोगाट का सम्मान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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किसान आंदोलन 2.0 के 200 दिन पूरे होने पर आज शंभू व खन्नौरी बाॅर्डरों पर किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। शंभू बाॅर्डर पर पहलवान विनेश फोगाट का सम्मान किया गया। 

चुनाव लड़ने के सवाल पर बोलीं विनेश-कुछ नहीं बोलूंगी

इस दाैरान कांग्रेस द्वारा हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट दिए जाने पर क्या वह चुनाव लड़ेंगी के सवाल पर विनेश फोगाट ने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगी, मैं राजनीति पर बात नहीं करूंगी। मैं अपने परिवार के पास आई हूं। अगर आप इस पर बात करेंगे तो आप उनके संघर्ष और लड़ाई को बर्बाद कर देंगे। आज फोकस मुझ पर नहीं है। फोकस किसानों पर होना चाहिए, मैं यह अनुरोध करती हूं। मैं एक एथलीट हूं, मैं पूरे देश की हूं। मुझे इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि किस राज्य में चुनाव हो रहे हैं। मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि मेरा देश पीड़ित है, किसान परेशान हैं। उनके मुद्दों का समाधान होना चाहिए और इसे हल करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 
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सरकार से मांग-किसानों की सुनें

फोगाट ने कहा कि किसान 200 दिन से यहां बैठे हैं। यह देखकर दुख होता है। वे सभी इस देश के नागरिक हैं। किसान देश को चलाते हैं। उनके बिना कुछ भी संभव नहीं है, एथलीट भी नहीं। अगर वे हमें खाना नहीं खिलाएंगे, तो हम प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। कई बार हम असहाय होते हैं और कुछ नहीं कर पाते हैं, हम इतने बड़े स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन हम अपने परिवार के लिए कुछ नहीं कर पाते हैं, भले ही हम उन्हें दुखी देखते हों। मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि उन्हें सुनना चाहिए। उन्होंने पिछली बार अपनी गलती स्वीकार की थी, उन्हें अपने वादे पूरे करने चाहिए। अगर लोग इस तरह सड़कों पर बैठे रहेंगे तो देश आगे नहीं बढ़ेगा। 
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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आज हम केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि यह रास्ता खोला जाए और हमें दिल्ली जाने दिया जाए, जहां हम शांतिपूर्वक एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ-साथ अन्य मांगें भी कर सकें...इस मंच से नई घोषणाएं भी की जाएंगी।

यह देखकर खुशी हो रही है कि लोगों को हकों के लिए लड़ना आ गया है: विनेश
किसान आंदोलन-2.0 के 200 दिन पूरे होने पर शंभू बाॅर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसानों ने महापंचायत का आयोजन किया। किसानों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट शंभू बॉर्डर पहुंची। उन्होंने कहा-किसानों को सड़क पर बैठे देख दुख होता है। किसान ही देश को चलाता है। सभी को भोजन देता है। यहां तक कि उनके सपोर्ट के बिना कोई भी खिलाड़ी देश का नाम रोशन नहीं कर सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा-सरकार को किसानों की मांगों को सुनना चाहिए।

सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा करने का वादा किया था, अब उन्हें अपना वादा निभाना चाहिए ताकि वे अपने घरों व खेतों में लौट सकें। विनेश ने कहा कि देश के लोग अगर अपने हकों के लिए आवाज उठाते हैं, और सड़क पर आते हैं तो यह जरूरी नहीं कि वह राजनीति से प्रेरित हो। इसे किसी धर्म से भी जोड़कर नहीं देखना चाहिए। विनेश ने कहा कि 200 दिन से किसान सड़क पर बैठे हैं और उनका हौसला ज्यों का त्यों बना हुआ है, यह बड़ी बात है। उन्होंने कहा-मैं खुद किसान परिवार से हूं, मेरी मां खेती करती है इसलिए मैं किसानों का दुख दर्द समझ सकती हूं। हर किसान उनके परिवार का सदस्य है और उसी के समर्थन में मैं शंभू बॉर्डर आई हूं। उन्होंने कहा- यह देखकर खुशी हो रही है कि लोगों को अब अपने हकों के लिए लड़ना आ गया है। उन्हें पता लग गया है कि हक चाहिए तो सड़क पर आना ही पड़ेगा। शंभू बॉर्डर पहुंची ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को किसान नेताओं ने सम्मानित भी किया और समर्थन देने के लिए उनका आभार जताया।
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मुझे राजनीति नहीं आती, आज सिर्फ किसानों की बात हो
हरियाणा में हाल ही में विधानसभा चुनाव हैं और विनेश के राजनीति में उतरने की खबरें भी आ चुकी हैं। इस संबंध में जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा-मुझे राजनीति का कोई भी ज्ञान नहीं है। मैं खिलाड़ी हूं और खेल के बारे में ही जानती हूं। उसी से जुड़े सवालों के जवाब दे सकती हूं लेकिन आज सिर्फ किसानों की बात होनी चाहिए क्योंकि आज मैं उनके समर्थन में आई हूं। यह पूछे जाने पर कि अगर हरियाणा में किसान आंदोलन करेंगे तो क्या वे उनका समर्थन करेंगी। विनेश बोलीं-क्यों नहीं? देश का किसान परेशान है और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा, मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं।
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