राष्ट्रपति ने तीन प्रोजेक्ट का किया शुभारंभ
यूटी सचिवालय की नई इमारत में राष्ट्रपति करीब 15 मिनट तक रहीं। उन्होंने सचिवालय की नई इमारत के उद्घाटन के साथ तीन अन्य प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया। इसमें किशनगढ़ का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट और सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स में दो एमडब्ल्यू फ्लोटिंग एसपीवी पावर प्लांट का प्रोजेक्ट शामिल रहा।
उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति ने भूतल पर जाकर व्यवस्थाओं को देखा। धर्मपाल और चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने राष्ट्रपति को इमारत की खूबियों के बारे में बताया। राष्ट्रपति इमारत को देखने के बाद सेक्टर-12 स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए निकल गईं।
नई इमारत में विभाग के अनुसार होंगे फ्लोर
सचिवालय की नई इमारत करीब 78 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हुई है। इसमें छह फ्लोर हैं और एक बेसमेंट है। बेसमेंट में कार पार्किंग, सर्विस एरिया और एसी प्लांट है। ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन, क्रेच, बैंक, एचडब्ल्यूसी और वेटिंग एरिया है। पहले फ्लोर पर चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और उनके सलाहकार धर्मपाल का दफ्तर होगा। दूसरे फ्लोर पर गृह सचिव, तीसरे फ्लोर पर वित्त सचिव व उनके सभी विभाग, चौथे फ्लोर पर स्वास्थ्य व शिक्षा सचिव के दफ्तर होंगे। पांचवें फ्लोर पर खेल, कार्मिक विभाग के सचिव, एनआईसी व अन्य दफ्तर होंगे। छठे फ्लोर पर लाइब्रेरी और कैंटीन की सुविधा होगी।
ऐसी होगी यूटी की फाइव स्टार ग्रीन बिल्डिंग
सचिवालय की नई इमारत को सेक्टर-19 स्थित पर्यावरण भवन की तर्ज पर बनाया गया है। सोलर पावर प्लांट वाली यह इमारत भूकंप के झटके से निपटने में सक्षम है। साथ ही इसमें हाई परफॉरमेंस ग्लास, एनर्जी एफिशिएंट लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग, ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्टिंग लगाया गया है। इसके सभी फीचर्स को सेंट्रलाइज मॉनिटर किया जाएगा।
काम पूरा होने के बाद ही यूटी के सभी विभाग एक बिल्डिंग में ही आ जाएंगे। इसमें आबकारी व कराधान, समाज कल्याण, लीगल मेट्रोलॉजी, स्वास्थ्य, स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड और ऑफिस ऑफ ब्लॉक डेवलपमेंट व पंचायत ऑफिसर शामिल हैं। हालांकि उद्घाटन के बावजूद इस इमारत को तैयार होने में अभी कुछ महीने लगेंगे। अधिकारियों के दफ्तर भी अभी तैयार नहीं हुए हैं। अधिकारी दिसंबर तक काम पूरा होने की बात कर रहे हैं। इस इमारत में प्रशासन ने वो भी दफ्तर आ जाएंगे, जो अलग-अलग सेक्टरों से चल रहे हैं। पुरानी इमारत में इंजीनियरिंग के सभी ब्रांच शिफ्ट हो जाएंगे।